उत्तर प्रदेश की अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 17,740 पदों पर आगामी भर्ती के लिए योग्यता के नियमों में बड़ा संशोधन कर दिया है. नए नियमों के तहत अब टीजीटी पदों पर आवेदन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है.
माध्यमिक शिक्षा विभाग में इस संबंध में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश जारी कर दिए हैं. हालांकि उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए आयोग को आगामी टीईटी जल्द आयोजित कराने और उम्मीदवारों को 30 जून 2027 तक वैध टीईटी प्रमाण पत्र हासिल करने की छूट देने का प्रावधान भी किया गया है.
TGT भर्ती में हुआ बदलाव
माध्यमिक शिक्षा आयोग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार टीजीटी भर्ती की योग्यताओं में कई बदलाव किए गए हैं. इसमें उम्मीदवारों के लिए अपर प्राइमरी लेवल पेपर 2 की शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होना अनिवार्य कर दिया है. वहीं संबंधित विषय में ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक या पोस्ट ग्रेजुएशन में 45% अंक होना जरूरी है. इसके साथ ही बीएड की डिग्री भी अनिवार्य होगी. नियमावली में पहली बार कंप्यूटर विषय को भी शामिल किया गया है. वहीं शारीरिक शिक्षा विषय के लिए बीपीएड या बीपीई की डिग्री मान्य होगी. इसके अलावा आयोग को विज्ञापन में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि चयन सूची में नाम आने मात्र से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा. सभी शैक्षणिक डॉक्यूमेंट और टीईटी प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे.
पुराने पैटर्न की मांग कर रहे उम्मीदवारों को झटका
टीजीटी भर्ती के नियमों में इस बदलाव से उन उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है, जो पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे. उम्मीदवार 5 सितंबर से प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन कर रहे थे. हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से 22 सितंबर को एनसीटीई को पत्र लिखने के आश्वासन के बाद भी नियमावली में संशोधन का आदेश जारी होने से यह साफ हो गया है कि अब परीक्षा नए पैटर्न पर ही आयोजित होगी.
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शिक्षामित्रों को मिली छूट
दूसरी और उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की चल रही भर्ती प्रक्रिया में राज्य के लगभग 1.43 लाख शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए सरकार ने शिक्षामित्र के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित कर दी है, जिससे 60 साल की उम्र तक वे इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे. वहीं सामान्य उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 40 वर्ष ही रहेगी. इसकी गणना 1 जुलाई के आधार पर होगी, इसके अलावा प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ इस भर्ती में शिक्षामित्र को 50 अंकों का वेटेज देने की भी मांग कर रहा है.
आयोग को मिला TET जल्द कराने का निर्देश
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आगामी टीईटी परीक्षा जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि 17,740 टीजीटी पदों के लिए उम्मीदवारों को 30 जून 2027 तक अपना टीईटी प्रमाण पत्र प्राप्त करने का अवसर मिल सके.
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