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UPSC से PMO तक पहुंची निधी तिवारी, जानिए PM की प्राइवेट सेक्रेटरी का सफर


निधि तिवारी मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं. उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से 2004 में बायोकेमिस्ट्री में बीएससी की पढ़ाई पूरी की और इसी दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद उन्होंने 2007 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में एमएससी की. यहां भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था.

हायर एजुकेशन के बाद निधि ने वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया. 2007 में उनका चयन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में हुआ और वह नौकरी के लिए महाराष्ट्र चली गई. BARC में वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और प्रशिक्षण में टॉप स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया.

हायर एजुकेशन के बाद निधि ने वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया. 2007 में उनका चयन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में हुआ और वह नौकरी के लिए महाराष्ट्र चली गई. BARC में वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और प्रशिक्षण में टॉप स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया.

विज्ञान के क्षेत्र में करियर शुरू करने के बावजूद निधि की रुचि सिविल सेवा में थी. करीब 2008 में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की, इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और उनका चयन कमर्शियल टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ. निधि ने इस पद पर करीब 2 साल तक काम किया, हालांकि उनका टारगेट यूपीएससी में जाना था. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और दिल्ली चली आई.

विज्ञान के क्षेत्र में करियर शुरू करने के बावजूद निधि की रुचि सिविल सेवा में थी. करीब 2008 में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की, इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और उनका चयन कमर्शियल टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ. निधि ने इस पद पर करीब 2 साल तक काम किया, हालांकि उनका टारगेट यूपीएससी में जाना था. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और दिल्ली चली आई.

यूपीएससी की अपनी पहली सफलता में निधि को उनकी रैंक के आधार पर इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस आवंटित हुई थी, हालांकि वह आईएएस या आईएफएस में जाना चाहती थी और उन्होंने आईआरपीएस ज्वाइन नहीं किया.  उसके बाद उन्होंने दोबारा यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया. 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने जनरल कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल की. इस बार उन्होंने भारतीय सेवा यानी आईएफएससी को चुना और 2014 बैच में शामिल हुई.

यूपीएससी की अपनी पहली सफलता में निधि को उनकी रैंक के आधार पर इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस आवंटित हुई थी, हालांकि वह आईएएस या आईएफएस में जाना चाहती थी और उन्होंने आईआरपीएस ज्वाइन नहीं किया.  उसके बाद उन्होंने दोबारा यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया. 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने जनरल कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल की. इस बार उन्होंने भारतीय सेवा यानी आईएफएससी को चुना और 2014 बैच में शामिल हुई.

आईएफएस में आने के बाद निधि ने विदेश मंत्रालय में काम किया. 2017 में उन्हें दिल्ली में डेस्क पोस्टिंग मिली, इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रिया के विएना में पोस्टिंग दी गई, जहां उन्होंने करीब 2 साल तक काम किया.  वियना में रहते हुए वह संयुक्त राष्ट्र से से जुड़े देशों के साथ भारत के अलग-अलग मुद्दों के समन्वय से जुड़े काम देखती थी.  

आईएफएस में आने के बाद निधि ने विदेश मंत्रालय में काम किया. 2017 में उन्हें दिल्ली में डेस्क पोस्टिंग मिली, इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रिया के विएना में पोस्टिंग दी गई, जहां उन्होंने करीब 2 साल तक काम किया.  वियना में रहते हुए वह संयुक्त राष्ट्र से से जुड़े देशों के साथ भारत के अलग-अलग मुद्दों के समन्वय से जुड़े काम देखती थी.  

निधि तिवारी नवंबर 2022 में प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची. पीएमओ में उन्होंने शुरुआत अंडर सेक्रेटरी के तौर पर की. बाद में उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर जिम्मेदारी मिली. डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर वह पीएम के फॉरेन एंड सिक्योरिटी वर्टिकल में काम करती थी. उनकी जिम्मेदारियों में विदेश मामले, परमाणु ऊर्जा सुरक्षा और राजस्थान से जुड़े मुद्दे शामिल थे. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी वह काम कर रही थी और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल को रिपोर्ट करती थी

निधि तिवारी नवंबर 2022 में प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची. पीएमओ में उन्होंने शुरुआत अंडर सेक्रेटरी के तौर पर की. बाद में उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर जिम्मेदारी मिली. डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर वह पीएम के फॉरेन एंड सिक्योरिटी वर्टिकल में काम करती थी. उनकी जिम्मेदारियों में विदेश मामले, परमाणु ऊर्जा सुरक्षा और राजस्थान से जुड़े मुद्दे शामिल थे. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी वह काम कर रही थी और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल को रिपोर्ट करती थी

विदेश सेवा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और पीएमओ में लंबे एक्सपीरियंस के बाद निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी मिली. उनकी नियुक्ति इसलिए भी खास रही, क्योंकि वह प्रधानमंत्री के कार्यकाल में इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला बनी.

विदेश सेवा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और पीएमओ में लंबे एक्सपीरियंस के बाद निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी मिली. उनकी नियुक्ति इसलिए भी खास रही, क्योंकि वह प्रधानमंत्री के कार्यकाल में इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला बनी.

Published at : 14 Aug 2026 06:20 PM (IST)

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