- लेबनान के हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली स्टेशनों पर हमले की मांग।
US Iran War: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद इजरायल पर नए हमलों की खबर सामने आई है. लेबनानी सशस्त्र समूह हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर कई हमलों को अंजाम देने का दावा किया है.
लेबनानी सशस्त्र समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने इजरायली बस्तियों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं. हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने मिसगव आम बस्ती को निशाना बनाया, कफर गिलादी में इजरायली सैनिकों पर हमला किया और जारित बैरक को भी टारगेट किया.
लेबनान में बढ़ाया जाना चाहिए हमलों का दायराः कोहेन
वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने लेबनान पर देश के सैन्य हमलों का दायरा बढ़ाकर अब वहां के नागरिक बुनियादी ढांचों को भी शामिल करने की मांग की है. उन्होंने तर्क दिया कि लेबनानी सरकार और हिज्बुल्लाह के बीच अब कोई अंतर नहीं रखा जाना चाहिए.
इजरायली पत्रकार अयाला हासोन को दिए इंटरव्यू में ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने कहा कि अब तक इजरायल की कार्रवाई मुख्य रूप से हिज्बुल्लाह के ठिकानों और चुनिंदा लक्ष्यों पर फोक्सड रही है, जिनमें बेरूत के दहिया जैसे इलाके शामिल हैं. उन्होंने बड़ी कार्रवाई के लिए कदम उठाने की बात करते हुए कहा कि बेरूत का हवाई अड्डा, बंदरगाह और बिजली स्टेशन जैसे देश के प्रमुख बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए जाने चाहिए.
इजरायली ऊर्जा मंत्री ने क्या रखी मांग?
उन्होंने कहा, ‘मैंने यह मांग की कि हिज्बुल्लाह और लेबनानी सरकार के बीच अंतर करना बंद किया जाए. हम लगातार दहिया (बेरूत में हिज्बुल्लाह का गढ़), हिज्बुल्लाह और विशेष लक्ष्यों पर हमला कर रहे हैं. अब हमें लेबनान के बुनियादी ढांचे पर हमला करना चाहिए, जिसमें बेरूत एयरपोर्ट, वहां के पोर्ट्स, अन्य साइट्स और बिजली स्टेशन शामिल होंगे. इसकी कीमत खुद लेबनानी सरकार को चुकानी चाहिए. कम से कम मेरी नजरिए से यही चर्चा थी.’ उन्होंने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा पिछले हफ्ते बुधवार (8 अप्रैल, 2026) को हुई इजरायली कैबिनेट की बैठक में उठाया था.
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