भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए वाशिंगटन के विशेष दूत, सर्जियो गोर बुधवार (19 अगस्त) को श्रीनगर पहुंचेंगे. यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का उनका पहला हाई-लेवल राजनयिक दौरा होगा. तुर्की-सऊदी रक्षा समझौते और इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के कारण उनके इस दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, क्योंकि वे दक्षिण और मध्य एशिया के लिए वाशिंगटन के विशेष दूत भी हैं.
उपराज्यपाल-सीएम संग हो सकती है बैठक
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान उनके उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कुछ अन्य अधिकारियों के साथ बैठकें करने की संभावना है. आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि 14 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपकर भारत में 27वें अमेरिकी राजदूत के तौर पर औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद गोर का यह जम्मू-कश्मीर का पहला दौरा है.
गोर का दौरा क्यों अहम?
राजदूत के बुधवार दोपहर श्रीनगर पहुंचने और गुरुवार को लद्दाख के लिए रवाना होने की उम्मीद है. दोनों देशों की मौजूदा सरकारों के बीच भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के और मजबूत होने के संदर्भ में भी यह दौरा महत्वपूर्ण है. नई दिल्ली में कार्यभार संभालने के बाद से, गोर ने रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों, आतंकवाद-रोधी और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने जैसे मुद्दों पर भारतीय नेतृत्व के साथ व्यापक बातचीत की है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं.
शेर सब्र करता है और हिरण…, OBC नेताओं से बोले राहुल- सड़क पर करना होगा आंदोलन
ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे गोर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे गोर इससे पहले व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति के सहायक और ‘प्रेसिडेंशियल पर्सनल’ (राष्ट्रपति के स्टाफ मामलों) के निदेशक के तौर पर काम कर चुके हैं. इससे पहले, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ मिलकर एक पब्लिशिंग हाउस की शुरुआत की थी और उन्हें अमेरिकी राजनीति व विधायी मामलों का लंबा अनुभव है. श्रीनगर में राजदूत की आवाजाही के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की उम्मीद है.
शिक्षा मंत्री ने लगाई लताड़ तो एक्शन में आया NTA, उठाए ये बड़े कदम
