अगर आप अगस्त और सितंबर में झमाझम बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, तो मौसम विभाग का ताजा अनुमान थोड़ा निराश कर सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दूसरे चरण को लेकर जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. विभाग का कहना है कि पूरे देश में इन दो महीनों के दौरान बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94 फीसदी से भी कम रह सकती है. अगस्त-सितंबर के लिए LPA 422.8 मिमी तय किया गया है. हालांकि कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में मॉनसून कमजोर रहने का अनुमान है. ऐसे में खेती, जलाशयों के जलस्तर और सामान्य जनजीवन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.
IMD के मुताबिक दक्षिण भारत के कई हिस्सों, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी इलाकों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. लेकिन इसके अलावा देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. यानी इस बार मॉनसून पूरे देश में एक जैसा असर नहीं दिखाएगा. कुछ राज्यों में अच्छी बारिश होगी तो कई राज्यों में बारिश की कमी लोगों की चिंता बढ़ा सकती है.
अगस्त में भी कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग का कहना है कि सिर्फ अगस्त ही नहीं, बल्कि अकेले अगस्त महीने में भी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. अगस्त के लिए देश में औसत बारिश (LPA) 254.9 मिमी मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके भी 94 फीसदी से कम रहने का अनुमान है. हालांकि पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के चुनिंदा इलाकों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हो सकती है. यानी अगस्त में भी पूरे देश में एक जैसी बारिश देखने को नहीं मिलेगी.
120 साल का रिकॉर्ड भी दे रहा संकेत
IMD की ओर से जारी ऑल इंडिया रेनफॉल ट्रेंड (अगस्त) का ग्राफ भी इस बार के अनुमान को मजबूती देता है. 1901 से 2025 तक के आंकड़ों में अगस्त महीने की बारिश में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. हाल के वर्षों में सामान्य से कम बारिश वाले सालों की संख्या बढ़ी है और बारिश का पैटर्न पहले की तुलना में ज्यादा अस्थिर हुआ है. हालांकि लंबे समय के रिकॉर्ड में बहुत तेज गिरावट का रुझान नहीं दिखता, लेकिन ग्राफ यह जरूर बताता है कि अगस्त में बारिश का वितरण लगातार अनिश्चित होता जा रहा है. इसी वजह से इस साल सामान्य से कम बारिश के अनुमान को मौसम वैज्ञानिक गंभीरता से देख रहे हैं.
गर्मी और उमस भी कर सकती है परेशान
बारिश कम होने का असर तापमान पर भी पड़ सकता है. IMD के मुताबिक अगस्त के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. इसका मतलब है कि कई राज्यों में लोगों को बारिश के बावजूद गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है. वहीं रात का तापमान भी देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है.
अल नीनो बन रहा बड़ी वजह
IMD के अनुसार फिलहाल प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) की मध्यम स्थिति बनी हुई है. आसान भाषा में कहें तो अल नीनो ऐसी मौसमी स्थिति है, जो भारत में मॉनसून को कमजोर करने के लिए जानी जाती है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मॉनसून सीजन के बाकी महीनों में अल नीनो और मजबूत हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर बारिश पर पड़ सकता है और कई इलाकों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा सकती है.
IOD पर भी IMD की नजर
मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है और मॉनसून सीजन के बाकी हिस्से में इसके भी न्यूट्रल रहने की संभावना है. हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल सितंबर के दौरान पॉजिटिव IOD बनने के संकेत दे रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो कुछ इलाकों में बारिश पर इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिल सकता है. फिलहाल IMD इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
सितंबर का अलग पूर्वानुमान होगा जारी
