बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर रविवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चप्पल फेंकी गई. वहीं पप्पू के समर्थकों ने दावा किया कि हमलावर चाकू भी लाए थे. घटना के बाद उनके समर्थकों और हमलावरों के बीच हाथापाई हुई.
यह विवाद संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन और उस पर उठे राजनीतिक विवाद के बीच हुआ. पप्पू यादव ने इसे अपनी जान लेने की साजिश बताया, जबकि हमलावरों ने भगवान राम और साधु-संतों के कथित अपमान के विरोध में कार्रवाई करने का दावा किया.
यहां पढ़ें पप्पू यादव के हमले से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति ने पप्पू यादव पर चप्पल फेंक दी, जिसके बाद समर्थकों और हमलावरों के बीच हाथापाई हो गई.
- खुद को बुलंदशहर का रहने वाला बताने वाले हैप्पी शर्मा ने कहा कि वे साधु-संतों के समर्थन में आए थे और पप्पू यादव द्वारा साधु-संतों तथा भगवान राम के कथित अपमान का विरोध कर रहे थे.
- हैप्पी शर्मा ने दावा किया कि उनके पास कोई चाकू या अन्य हथियार नहीं था. उनके मुताबिक, समर्थकों की पिटाई के बाद ही चप्पल फेंकी गई.
- घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा कि उन पर सुनियोजित हमला हुआ और उनकी हत्या की कोशिश की गई.
- पप्पू यादव के वकील कनिष्क अरोड़ा ने कहा कि सांसद पर हमले की आशंका को लेकर पहले ही दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई.
- पप्पू यादव के मीडिया संयोजक ने दावा किया कि हमलावरों में से एक ने चाकू निकाला था. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांसद की सुरक्षा करने के बजाय हमलावरों को बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया.
- पप्पू यादव के मीडिया संयोजक ने दावा किया कि हमलावर ‘प्रयागराज पार्ट-2’ दोहराना चाहते थे. उनका इशारा अतीक अहमद हत्याकांड जैसी घटना की ओर था.
- समर्थकों ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया और सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी रही.
- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं पर हमले करवा रही है. उन्होंने मामले की जांच और लोकसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की मांग की.
- पप्पू यादव ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है. उनके अनुसार, इन सवालों की वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उन पर हमला कराया गया.
