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अनाया बांगर को क्रिकेट खेलने की अनुमति, ट्रांसजेंडर ने BCCI से की नियम बदलने की अपील


ट्रांसजेंडर क्रिकेटर अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने के बाद भारत में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर बहस तेज हो गई है. ट्रांसजेंडर संगठनों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए नियम बनाने की मांग की है. ट्रांसजेंडर का कहना है कि प्रतिभा और खेल क्षमता के आधार पर खिलाड़ियों को अवसर मिलना चाहिए.

उत्तर प्रदेश के आदिशक्ति ट्रांसजेंडर संगठन की अध्यक्ष प्रियंका रघुवंशी ने कहा कि अनाया बांगर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती थीं, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते उन्हें भारत में क्रिकेट खेलने का अवसर नहीं मिल सका. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेलने के लिए आवेदन किया, जहां उन्हें क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली.

दूसरे देश प्रतिभा पहचान रहे, भारत में मौका क्यों नहीं?
प्रियंका रघुवंशी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण और जागरूकता की बात की जाती है, लेकिन जब कोई व्यक्ति अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहता है तो उसे कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

उन्होंने कहा, हमारे देश के लोग देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा है. अगर दूसरे देश हमारी प्रतिभाओं को पहचानकर खेलने का अवसर दे रहे हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

पहचान नहीं, प्रतिभा के आधार पर मिले मौका
प्रियंका रघुवंशी ने कहा कि सरकार और BCCI को ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. अगर किसी खिलाड़ी में प्रतिभा है और वह देश के लिए कुछ करना चाहता है तो उसकी पहचान के बजाय उसकी क्षमता और प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग फिल्म इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी और कॉरपोरेट सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं. ऐसे में खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए अवसर उपलब्ध कराने पर विचार होना चाहिए. प्रियंका रघुवंशी ने कहा कि संगठन यह नहीं कह रहा कि सभी नियम एक साथ बदल दिए जाएं. उनका कहना है कि धीरे-धीरे नीति और नियमों में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि प्रतिभावान ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मंच मिल सके.

उन्होंने कहा कि अगर ऐसे खिलाड़ियों को अवसर मिलता है तो वे आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बन सकते हैं. संगठन ने सरकार और BCCI से ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और समावेशी खेल नीति पर विचार करने की अपील की है. 

शतरंज खिलाड़ी शिवांशु ने भी उठाया सवाल
समलैंगिक पुरुष शतरंज खिलाड़ी शिवांशु ने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए इससे बड़ी निराशा क्या होगी कि वह अपने देश में खेलने और चयन का अवसर न पा सके, जबकि दूसरे देश में उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल जाए. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति केवल एक खिलाड़ी की समस्या नहीं है, बल्कि इससे पूरी कम्युनिटी और उभर रहे खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है.

उन्होंने सवाल उठाया कि देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए मेहनत करने वाले खिलाड़ियों को अपनी ही मिट्टी में अवसर और सम्मान क्यों नहीं मिलना चाहिए. उनका कहना है कि खेल में प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी नीतियों पर विचार जरूरी है, जिससे योग्य खिलाड़ियों के लिए अवसर के रास्ते खुले रहें.

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