उत्तर प्रदेश के आगरा में मेटा कंपनी से प्राप्त आत्महत्या संबंधी अलर्ट पर आगरा पुलिस की मीडिया सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय छात्र की महज 11 मिनट में जान बचा ली. फेसबुक फ्रेंड से ब्रेकअप से आहत छात्र द्वारा सुसाइड नोट पोस्ट किए जाने की सूचना रात 1:49 बजे ई-मेल के माध्यम से मिली. सुसाइड पोस्ट में छात्र ने लिखा था कि अम्मी मुझे माफ करना, पुलिस आयुक्त आगरा दीपक कुमार के निर्देशन में तत्काल छात्र की लोकेशन ट्रेस कर थाना जैतपुर पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद टीम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुई.
पुलिस ने बिना समय गंवाए छात्र को सुरक्षित बचाया और उसे साथ लेकर उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस के इस कार्य की काफी सराहना हो रही है. वरना आज फिर एक जान अवसाद में चली जाती.
यह भी पढ़ें: बंगाल में BJP की जीत पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने जताई आशंका, कहा- ‘डर है कि कहीं…’
क्या है पूरा मामला ?
थाना जैतपुर पुलिस जब छात्र के घर पहुंची तो वह अपने कमरे में कीटनाशक की बोतल और रस्सी के साथ आत्महत्या की तैयारी में था. पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को स्थिति से अवगत कराया और तत्काल कमरे में पहुंचकर छात्र को ऐसा कदम उठाने से रोक लिया. समय रहते हस्तक्षेप के चलते छात्र सुरक्षित बच गया. इसके बाद पुलिस ने छात्र को शांत कर उसकी काउंसलिंग कराई, जिससे वह सामान्य स्थिति में लौट आया.
सोशल मीडिया फ्रेंडशिप टूटने से आहत था
पूछताछ में छात्र ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से बनी मित्रता में विवाद और अलगाव के कारण वह मानसिक तनाव में आ गया था. पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की परिजनों ने सराहना की है. उल्लेखनीय है कि मेटा और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच 2022 से चल रही व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 30 अप्रैल 2026 के बीच 2700 व्यक्तियों के प्राण बचाए जा चुके हैं, जबकि कमिश्नरेट आगरा की सोशल मीडिया सेल ने बीते एक वर्ष में 58 लोगों की जान बचाने में सफलता हासिल की है.
मेटा अलर्ट ने बचाई जान
इंस्टाग्राम पर सुसाइड संबंधी पोस्ट के बाद मेटा से मिले अलर्ट पर कमिश्नरेट आगरा की मीडिया सेल ने त्वरित कार्रवाई की. सहायक पुलिस आयुक्त सैंया व नोडल अधिकारी मीडिया सेल डॉ. सुकन्या शर्मा के अनुसार, मात्र 11 मिनट में थाना जैतपुर पुलिस को मौके पर भेजा गया, जहां 17 वर्षीय युवक को आत्महत्या का प्रयास करने से बचा लिया गया. समय रहते हस्तक्षेप से युवक की जान सुरक्षित बच सकी.
यह भी पढ़ें: यूपी में नई ट्रांसफर नीति को योगी कैबिनेट की मंजूरी, इस दिन से पूरे प्रदेश में होगी लागू
