उत्तर प्रदेश में रामपुर से शनिवार को सपा नेता आजम खान को ईडी ने गिरफ्तार किया था. आज ईडी ने उन्हें गाजियाबाद में सीबीआई कोर्ट में नम्बर-1 अवनीश पांडे के कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
दरअसल आजम खान को ईडी ने रामपुर जेल से बाहर आते ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसको लेकर जेल के बाहर काफी विरोध भी देखने को मिला था. ईडी ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी मामले में गिरफ्तार किया है.
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सरकारी धन के दुरुपयोग का है मामला
यह पूरा मामला सरकारी धन के दुरुपयोग का है. इसमें ईडी ने सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए सरकारी धन को निजी शिक्षण संस्थान यानी जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए गत 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था.
29 अक्टूबर को मिली थी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी थी. 31 अक्टूबर की शाम को दोनों को जेल से रिहा होना था. लेकिन ईडी अधिकारियों ने जेल से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया था. आजम खान ने इस मौके पर कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. उनका गुनाह यूनिवर्सिटी बनाना है.
समाजवादी पार्टी ने भी इसे जानबूझकर आजम खान के खिलाफ साजिश बताया है. फिलहाल अब ईडी की कार्रवाई शुरू हो गयी है. जिसमें आजम खान को 14 दिन के लिए डासना जेल भेज दिया गया है.
अब्दुल्ला आजम ने भी अपने बयान में यही बात दोहराई थी कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. फिलहाल जिस तरह से आजम खान की जमानत के बाद रिहाई और फिर ईडी की कार्रवाई हुई, उसने यूपी की सियासत तेज कर दी है. सपा के बड़े नेता पूरे मामले पर निगाह रखे हैं.
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