जोधपुर बिलाड़ा क्षेत्र की भावी ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के दौरान मतपत्र गायब होने का मामला शनिवार रात हिंसक विवाद में बदल गया. 2 नवंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान के फैसले के विरोध में ग्रामीणों ने पिचियाक पुलिस थाने का घेराव कर दिया. रात करीब 11:30 बजे प्रदर्शन के दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया. इसमें तीन थानाधिकारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा. देर रात करीब 12:30 बजे स्थिति नियंत्रित हो सकी.
दरअसल, 30 अक्टूबर को सरपंच चुनाव के मतदान के दौरान भावी ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 12 पर पीठासीन अधिकारी के बैग में रखे तीन बंडलों के करीब 150 मतपत्र गायब हो गए थे. इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने 2 नवंबर को पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया. इसी फैसले को लेकर सरपंच प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच दो धड़े बन गए.
दो प्रत्याशियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
एक पक्ष से सरपंच प्रत्याशी ममता ने आरोप लगाया कि गायब हुए मतपत्र सोवनी देवी के बेटे और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील चौधरी ले गए थे. बाद में मिले मतपत्रों पर सोवनी देवी के चुनाव चिह्न स्लेट (पाटी) पर पहले से ठप्पे लगे होने की बात भी सामने आई. ममता पक्ष की मांग है कि मतपत्रों को सुरक्षित रखा जाए और बूथ की सीसीटीवी फुटेज व वीडियोग्राफी के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही जांच पूरी होने तक 2 नवंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान स्थगित किया जाए.
वहीं सोवनी देवी और उनके बेटे सुनील चौधरी का कहना है कि जब शिकायत केवल एक बूथ से जुड़ी है तो पूरी ग्राम पंचायत के सभी बूथों पर पुनर्मतदान क्यों कराया जा रहा है. उन्होंने पुलिस पर अपने कुछ कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं.
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रात 11:30 बजे शुरू हुआ पथराव
शनिवार रात करीब 8:30 बजे सोवनी देवी और उनके समर्थक पिचियाक थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए. सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक मनीष देव विश्वकर्मा, सीआई सवाई सिंह सोढ़ा सहित पीपाड़, बोरूंदा और बिलाड़ा थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा.
एडिशनल एसपी मनीष देव ने बताया केि रात करीब 11:30 बजे माहौल बिगड़ गया और ग्रामीणों की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया. इसमें पीपाड़ थानाधिकारी सीताराम खोजा, बोरूंदा थानाधिकारी सुजानाराम और बिलाड़ा थानाधिकारी सवाई सिंह सोढ़ा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. मौके पर खड़े वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. करीब आधी रात 12:30 बजे हालात पर काबू पाया जा सका.
