एक्टर रवि दुबे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी फिल्म ‘रामायण’ में नजर आने वाले हैं. करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही इस फिल्म में वो लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और यश भी नजर आएंगे.
हालांकि, रवि के लिए यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है. मुंबई में शुरुआती दिनों में उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे. अपने पुराने इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था कि कम उम्र में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
रवि दुबे के मन में आया था सुसाइड का ख्याल
रवि दुबे साल 2001 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए मुंबई आए थे. उस समय उन्होंने कभी अपने पिता से एक्टर बनने की इच्छा जाहिर नहीं की थी, लेकिन उनके पिता समझ गए थे कि रवि के सपने कुछ बड़े हैं. एबीपी न्यूज संग बातचीत में रवि ने बताया था कि उनके पिता ने ही मुंबई में उनका कॉलेज चुना था, ताकि वो अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर सकें.
स्कूल के दिनों में रवि पढ़ाई में काफी अच्छे थे, लेकिन कॉलेज का अनुभव उनकी उम्मीदों से बिल्कुल अलग रहा. TEDx पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि पहले सेमेस्टर में पांच में से चार पेपर में फेल हो गए थे. दूसरे सेमेस्टर में भी उनका रिजल्ट ऐसा ही रहा. इसके बाद वो गुरुग्राम स्थित अपने घर लौट गए. इस दौरान परिवार का पूरा साथ मिलने के बावजूद रवि मानसिक परेशानियों से जूझ रहे थे.

लोग देते थे ताने
रवि ने बताया था कि जब वो गुरुग्राम लौटे, तो लोग उनसे कहते थे, ‘तुम फेल हो गए, इसलिए वापस आ गए? वहां पढ़ाई नहीं करते थे क्या?’ एक्टर ने कहा, ‘मैं उस समय कम उम्र का था और छोटी-छोटी बातों का मुझ पर बहुत असर पड़ता था. लोगों की ऐसी बातें मुझे अंदर तक तोड़ देती थीं और एक वक्त ऐसा आया जब मैंने सुसाइड करने के बारे में भी सोचा. शुक्र है कि मैं इस मामले में भी नाकाम रहा.’
10 हजार रुपये मिली थी फीस
रवि ने इंजीनियरिंग कॉलेज के तीसरे साल में ही एड्स के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया था. हालांकि, पहला ऑडिशन पास करने में उन्हें कुछ साल लग गए. इसके बाद आखिरकार उन्हें फिल्ममेकर शूजित सरकार के साथ एक विज्ञापन में काम करने का मौका मिला. साल 2005 में रवि ने एक बाइक के एड में काम किया था, जिसके लिए उन्हें 10 हजार रुपये फीस मिली थी.

रवि इस ने कहा था कि जब उन्हें पहली बार सैलरी मिली, तो उन्होंने तय कर लिया कि अब वो कभी अपने माता-पिता से पैसे नहीं लेंगे. उन्होंने बताया, ‘मैंने तय कर लिया था कि अब माता-पिता से पैसे नहीं लूंगा. मैंने उन्हें कभी नहीं बताया कि मैं मुश्किल दौर से गुजर रहा हूं और मेरे पास खाने तक के पैसे नहीं हैं. उस समय मैंने किसी से मदद भी नहीं मांगी, लेकिन आसपास के लोगों ने मेरा साथ दिया. मेरे दोस्त घर पर खाना लेकर आते थे. शायद उन्हें लगता था कि मैं अकेला रहता हूं, और इससे मुझे काफी मदद मिली.’
रवि का पहला टीवी ब्रेक
साल 2006 में उन्हें दूरदर्शन के एक टीवी शो में लीड रोल मिला. दिलीप कुमार और सायरा बानो के प्रोडक्शन में बने इस शो का नाम ‘स्त्री… तेरी कहानी’ था. इसके बाद रवि ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल 2009 में टीवी शो ’12/24 करोल बाग’ की शूटिंग के दौरान रवि की मुलाकात सरगुन मेहता से हुई. इस मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी. दोनों ने शादी कर ली.

रवि को ‘सास बिना ससुराल’ से बड़ी सफलता मिली. हालांकि, साल 2014 में आए शो ‘जमाई राजा’ ने उन्हें टीवी का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया. वो ‘नच बलिए’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ और ‘एंटरटेनमेंट की रात’ जैसे कई रियलिटी शोज में भी नजर आए. इसके अलावा उन्होंने कई रियलिटी शोज को होस्ट भी किया.

साल 2016 में रवि और सरगुन ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘ड्रीमियाता एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ शुरू की. शुरुआत में उन्होंने टीवी शोज और पंजाबी फिल्मों को प्रोड्यूस किया. उनकी कंपनी ने ‘उड़ारियां’ और ‘तू जूलियट जट्ट दी’ जैसे शोज के साथ ‘सौकन सौकने’ और उसका सीक्वल जैसी पंजाबी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है.
रवि दुबे की नेटवर्थ
कोईमोई के मुताबिक, रवि दुबे की नेटवर्थ 70 से 80 करोड़ रुपये है. वहीं उनकी और पत्नी सरगुन की कुल नेटवर्थ मिलाकर करीब 150 करोड़ रुपये है.
