इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के आरोपों से इतर फिलिस्तीनी वोटर्स के समर्थन किया है. नेतन्याहू और उनके सहयोगियों का कहना है कि इजरायल के फिलिस्तीनी वोटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों ने वोटिंग में धांधली की है.
अब इस पर राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा है कि वोटिंग में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर देश की केंद्रीय चुनाव समिति और शिन बेट के चीफ से बात की है. इस मामले में गहन जांच होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि आज सुबह सामने आए संदेहों में जो कुछ भी हो रहा है, उस पर मेरी पैनी नजर है. लेकिन ऐसे समय में भी हमें उस पूरी कम्युनिटी को बदनाम करने से बचना चाहिए जिसने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और लोकतंत्र में एक्टिव रूप से पार्टिसिपेट किया.
אחוז ההצבעה המדהים אתמול הוא תעודת כבוד לחברה הישראלית ומעיד עד כמה הרצון לדמוקרטיה בישראל הוא משמעותי. בשבוע הבא אזמן אליי את נציגי הסיעות להתייעצויות לקראת הטלת המנדט להרכבת הממשלה הבאה. עם פרסום התוצאות, אני מבקש מכל מי שיגיע דבר אחד חשוב – להגיע עם ראש פתוח. דברים שאמרתי היום במפגש עם מיזם ״מחליפים מילה״ בבית הנשיא:
— יצחק הרצוג Isaac Herzog (@Isaac_Herzog) October 28, 2026
इजरायल के राष्ट्रपति हर्जोग ने की राजनीतिक पार्टी से अपील
इसके अलावा हर्जोग ने गठबंधन को लेकर होने वाली बातचीत से पहले राजनीतिक पार्टियों के डेलिगेशन से अपील की है कि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए रुख पर पुनर्विचार कें. एक बार आधिकारिक नतीजें आ जाएं, तो मैं सभी राजनीतिक पार्टियों के डेलीगेशन से मिलूंगा.
उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते होने वाली बातचीत से पहले मैं यहां मौजूद सभी लोगों और जनता-उनके नेताओं से यही कहूंगा कि खुले दिमाग और खुले दिल से सोचें. अपना नजरिया व्यापक बनाएं. आपके दिमाग में बस एक ही सवाल होना चाहिए कि देश का सर्वोत्तम हित में क्या है?
कतर ने खारिज किया नेतन्याहू का दावा
इधर कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने कहा, हम इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते हैं कि कतर ने इजरायली चुनावों में दखल दिया है या चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के मकसद से किसी गतिविधि को फंड किया है. उन्होंने नेतन्याहू और उनके सहयोगी के आरोपों को बेतुका और खतरनाक करार दिया है.
