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Karwa Chauth Puja Niyam: करवाचौथ की पूजा में करवा टूट जाए या छूट जाए कोई सामग्री, तो तुरंत करें ये काम; नहीं लगेगा दोष


Karwa Chauth 2026 Puja Niyam: करवाचौथ के व्रत में सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं. शाम के समय विधि-विधान से माता पार्वती, भगवान शिव, कार्तिकेय और गणेश जी की पूजा की जाती है. पूजा के दौरान मन में श्रद्धा और एकाग्रता जरूरी है, लेकिन कई बार अनजाने में हाथ से करवा गिरकर टूट जाता है या थाली में कोई आवश्यक सामग्री रखने से छूट जाती है. ऐसी स्थिति में घबराने या इसे अपशकुन मानकर विचलित होने की जरूरत नहीं है.

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी भूल होने पर तुरंत कुछ सरल उपाय करके दोष निवारण किया जा सकता है.

पूजा के दौरान करवा टूट जाए तो क्या करें?

करवाचौथ की पूजा में करवा सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. यदि गलती से मिट्टी का करवा टूट जाए, तो इन नियमों का पालन करें:

दूसरा करवा प्रयोग में लाएं: यदि घर में कोई अतिरिक्त नया मिट्टी का करवा मौजूद हो, तो तुरंत उसे गंगाजल से शुद्ध करके उपयोग करें.

धातु का लोटा लें: अगर मिट्टी का दूसरा करवा उपलब्ध न हो, तो पूजा घर में रखा पीतल, तांबा या चांदी का लोटा लें. उस पर कलावा (मौली) बांधें, रोली से स्वास्तिक बनाएं और उसे करवे का स्वरूप देकर पूजा पूरी करें.

क्षमा प्रार्थना करें: हाथ जोड़कर माता गौरी और भगवान गणेश से कहें, “हे ईश्वर, यह भूल अनजाने में हुई है, कृपया मेरी पूजा स्वीकार करें और अपराध क्षमा करें.”

टूटे हुए करवे का क्या करें? टूटे हुए करवे को तुरंत पूजा स्थल से आदरपूर्वक हटाकर अलग रख दें. अगले दिन उसे किसी गमले में या बहते जल में विसर्जित कर दें, उसे कचरे में न फेंके.

पूजा की कोई सामग्री छूट जाए तो क्या करें?

करवाचौथ की पूजा सामग्री काफी विस्तृत होती है. सिंदूर, रोली, अक्षत, सींक, छलनी, या भोग में से कोई चीज छूट जाए, तो यह समाधान अपनाएं:

मानसिक संकल्प और अक्षत का उपाय: शास्त्रों में नियम है कि यदि कोई सामग्री न मिले, तो उसकी जगह भगवान को पीले चावल (अक्षत) या पुष्प अर्पित करते हुए कहें ‘अमुक वस्तु की जगह यह अक्षत/पुष्प स्वीकार करें’‌.

पड़ोस या परिवार से सहयोग लें: चंद्रमा निकलने में समय है और कोई आवश्यक वस्तु (जैसे छलनी या सींक) छूट गई है, तो आसपास किसी अन्य व्रती महिला से साझा कर लें.

भगवान भाव के भूखे हैं: शास्त्रों के अनुसार, ईश्वर केवल भाव देखते हैं. यदि कोई सामग्री छूट भी गई है, तो शुद्ध हृदय से किया गया ध्यान उस कमी को पूरा कर देता है.

दोष निवारण के लिए जरूर करें यह उपाय

पूजा और अर्घ्य की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी अनजानी गलती के दोष से बचने के लिए:

  • पूजा समाप्ति पर क्षमा प्रार्थना मंत्र का जप करें: “आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्. पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥”
  • अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद या सुहागिन ब्राह्मण महिला को सुहाग सामग्री, अनाज और दक्षिणा का दान अवश्य करें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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