राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि बैंक द्वारा नियुक्त सुरक्षा एजेंसी और चंदा संग्रह के बीच का संबंध एक नया और जरूरी पहलू है. भले ही चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे 6 जुलाई को स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन ट्रस्ट नियमों के मुताबिक दोनों हमेशा ट्रस्टी बने रहेंगे. उन्हें आसानी से हटाया नहीं जा सकता. यह एक बहुत ही जरूरी कानूनी बिंदु है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में मंदिर के दान-गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच चल रही है.
इधर अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने राम मंदिर दान चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को उनके नाम पर बने घर के कथित अनधिकृत निर्माण पर नोटिस भेजा है, जबकि पुलिस ने कथित गबन मामले में अपनी जांच तेज कर दी है. प्रशासन अब लवकुश मिश्रा के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी में है. पुलिस और प्रशासन मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की सक्रिय रूप से तैयारी कर रहे हैं.
लवकुश मिश्रा की पत्नी सुषमा मिश्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा नोटिस जारी किया गया है. आरोपी की पत्नी भी अब पुलिस जांच के दायरे में है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए 8 लोगों में से 6 वाराणसी स्थित एजेंसी (सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज, एसएसएस) के कर्मचारी थे. इस एजेंसी को अयोध्या स्थित एसबीआई की नया घाट शाखा ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त किया था.
अयोध्या प्राधिकरण ने दी यह जानकारी
एडीए सूत्रों के मुताबिक सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में इस मकान का निर्माण चल रहा है. उन्होंने कहा कि मकान वाली जमीन लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई थी और विकास प्राधिकरण से जरूरी मंजरी लिए बिना निर्माण किया गया है. पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने बुधवार को लवकुश मिश्रा के आवास की भी तलाशी ली और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की.
इस बीच, पुलिस सूत्रों ने संकेत दिया कि जांचकर्ता आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कड़ी कर सकते हैं, जिसके पास से अब तक सबसे अधिक नकद बरामदगी हुई है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं.
‘फुनगी को फांसी, शाख को माफी….’, चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव के समर्थन में अखिलेश यादव?
