वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रदेश में चल रहे हजारों गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा कि सरकारी विज्ञापनों में अच्छी-अच्छी बातें कही जाती है जबकि गौशालाओं की हालत बेहद खराब है, वहां पर अगर कोई जाना भी चाहे तो उन्हें नहीं जाने दिया जाता है.
शंकराचार्य प्रदेश में गो रक्षा और गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की माँग को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं. इसी क्रम में वो वाराणसी पहुंचे जहां उन्होंने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गो आश्रयों में गौ माता के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं है. जब हमने आश्रय स्थल तक जाने की कोशिश की तो हमें रोक दिया गया और कहा कि पहले डीएम से परमिशन लेकर आईए.
गो आश्रयों में व्यवस्था को लेकर सवाल
शंकराचार्य ने पत्रकारों से बात करते हुए अखबारों में गो शालाओं को लेकर छपी खबरों का हवाला देकर कहा कि से सब सरकारी पैसे से विज्ञापन छपवाया गया है. कि योगी सरकार साढ़े सात हजार गौशालाओं में 12 लाख गोवंशों को संरक्षित कर रही है. उन्होंने कहा कि ये जो गाय आश्रय केंद्र हैं, अगर आप इनमें से किसी में जाएंगे तो आपको जाने नहीं दिया जाएगा. बाहर ही रोक दिया जाएगा.
गो शालाओं में किसी को वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है. क्योंकि, वहां का दृश्य ऐसा है कि अगर वो सामने आ गया तो उनको दिक़्क़त हो सकती है. इसलिए विज्ञापन देकर ही अखबारों को मुँह को सिल दिया जाएगा और प्रवेश निषेध कर दिया जाएगा.
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गायों की दयनीय स्थित रखने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों को ही नहीं हमें भी अपनी यात्रा के दौरान जब गो आश्रम जाना चाहे, तो रोक दिया जाता है. ऐसी परिस्थितियां बनाई गईं है. कुछ पत्रकारों ने अंदर जाकर वहां के चित्र लाए, हालत ये ही वहां पर ना तो खाना है, ना पानी हैं, दवाई तो दूर की बात है. कई ऐसे चित्र सामने आए हैं जिनमें गाय भूखी प्यासी खड़े-खड़े बैठ जाती है और बैठने के बाद लेट जाती है और जब लेट जाती है तो कुत्ते उन्हें नोंच-नोंचकर खा जाते हैं.
शंकराचार्य ने दावा किया कि उनके पास कई पत्रकारों द्वारा लाई गई गोशाला की तस्वीरें हैं जिसमें वहां के बदहाल हालत दिख रही है. जमीन दलदल बन गई है, उसमें जो गाय फंसी उसे बाहर निकालने वाला कोई नहीं है. लेकिन, विज्ञापन कुछ और ही कहता है. उन्होंने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए गायों के सरंक्षण को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया और सरकार से उचित देखभाल की मांग की.
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