इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खीरी की पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग को जांच ट्रांसफर न किए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने एसपी को 25 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर यह बताने का आदेश दिया है कि आदेश के बावजूद जांच अब तक ट्रांसफर क्यों नहीं की गई.
यह आदेश कंटेम्प्ट एप्लीकेशन (सिविल) नंबर 3336/2026 में जस्टिस सौरभ लवानिया की अदालत ने 24 अगस्त 2026 को दिया. कोर्ट के मुताबिक एसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग को इस अवमानना याचिका के लंबित होने की जानकारी है. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता नितिन माथुर को मामले में निर्देश भी दिए हैं.
इसके बावजूद संबंधित जांच को इंस्पेक्टर जनरल, लखनऊ जोन की ओर से 14 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश के अनुसार अब तक ट्रांसफर नहीं किया गया. हाईकोर्ट ने एसपी को आज 25 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि जांच अब तक ट्रांसफर क्यों नहीं हुई.
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आज 25 अगस्त 2026 को होगी सुनवाई
इसके साथ ही अदालत ने यह भी पूछा है कि उनके खिलाफ Contempt of Courts Act, 1971 के प्रावधानों के तहत अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए. इस मामले की अगली सुनवाई आज 25 अगस्त 2026 को होगी. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि केस की कॉज लिस्ट में विपक्षी पक्ष की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल (CSC) का नाम दर्शाया जाए.
डॉ. ख्याति गर्ग समेत कुल तीन विपक्षी पक्षकार
यह अवमानना याचिका ओमप्रकाश राय, इंस्पेक्टर सिविल पुलिस (PNO-012470059) की ओर से दाखिल की गई है. मामले में एसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग समेत कुल तीन विपक्षी पक्षकार हैं. याचिकाकर्ता की ओर से चंद्र प्रकाश द्विवेदी और राम चरित्र पांडेय अधिवक्ता हैं.
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