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एशियन पैरा गेम्स: एथलेटिक्स में भारत ने मचाई धूम, 6 गोल्ड समेत 35 मेडल कर लिए अपने नाम


2026 एशियन पैरा गेम्स में मंगलवार को भारत का प्रदर्शन दमदार रहा. सोमवार को गोल्ड मेडल जीतने वाले निषाद कुमार ने मंगलवार को भी गोल्ड मेडल जीता. पैरा एशियाई खेलों में मंगलवार को भारत ने कुल 5 गोल्ड मेडल जीते. भारत के मेडल की संख्या अब 35 हो गई है. मेडल टैली में भारत छठे नंबर पर पहुंच गया है.  

भारत ने मंगलवार को पांचों गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) एथलेटिक्स में जीते. निषाद कुमार ने सोमवार को लंबी कूद टी47 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मंगलवार को ऊंची कूद में भी गोल्ड मेडल जीता. इस तरह से वह एक ही पैरा एशियाई खेलों की दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय एथलीट बन गए. उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. 

दूसरे दिन के अंत में भारत 35 पदकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर था, जिनमें 9 गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक), 11 सिल्वर मेडल (रजत पदक) और 15 ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) शामिल थे. 35 मेडल में से 20 मेडल एथलेटिक्स में आए हैं. 

दीप्ति ने 56.36 सेकंड के खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर महाद्वीपीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता फिर से साबित की. तेलंगाना की 23 साल की यह खिलाड़ी पूर्व विश्व चैंपियन हैं और उन्होंने 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था. 

दृष्टिबाधित सिमरन (महिलाओं की 200 मीटर टी12), व्हीलचेयर पर निर्भर प्रणव सूरमा (एफ51/52/53 चक्का फेंक) और देवेंद्र कुमार (एफ44/64 चक्का फेंक) ने भी स्वर्ण पदक जीते. 

पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता सिमरन ने 24.80 सेकंड के समय के साथ खेलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. खेलों में पहली बार भाग ले रही तेजलबेन दामोर ने मध्यम दृष्टिबाधित एथलीटों की इस स्पर्धा में 25.23 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीता. 

भारत ने इसके अलावा निशानेबाजी, टेबल टेनिस, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीते. मनीष नरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत के लिए 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा सुरक्षित किया, जबकि सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता. इस तरह से भारतीय निशानेबाजों ने पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धाओं में दो पदक हासिल किए.

पावरलिफ्टिंग में अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में रजत पदक जीता. सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले 37 वर्षीय मलिक ने 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया. 

भारतीय तैराक हिमांशु नंदाल और निरंजन मुकुंदन ने देश के खाते में दो कांस्य पदक जोड़े. 

ऑप्टिक नर्व की खराबी के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच 5:10.91 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया. 

इसके बाद निरंजन ने पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा को 2:57.01 के समय में पूरा करके कांस्य पदक हासिल किया. 

टेबल टेनिस में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने स्टैंडिंग कैटेगरी में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया. भारत ने इस प्रतियोगिता में चार कांस्य पदक हासिल किए.

पैरालिंपिक पदक विजेता भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना सभी अपने-अपने महिला एकल सेमीफाइनल में से हार गईं.

तीरंदाजी में मौजूदा चैंपियन शीतल देवी और खेलों में पहली बार भाग ले रही स्वाति चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई. इस तरह से भारत के पैरा तीरंदाजों ने पांच पदक पक्के कर लिए.

भारत की रिकर्व और कंपाउंड महिला युगल जोड़ियों ने भी सेमीफाइनल में जीत हासिल करके अपने-अपने स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली है.

भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिश्रित टीम ने क्रमशः थाईलैंड और जापान पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई.

बैडमिंटन में विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए. 

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