शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जिक्र कर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर CJP के आइडिया ने युवा पीढ़ी के बीच हलचल मचा दी है, जो इस बात का दुखद संकेत भी है कि मौजूदा विपक्षी दलों से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं.
उन्होंने कहा, ”स्पष्ट रूप से बीजेपी के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन मतदाताओं का स्थापित विपक्षी दलों के बजाय एक काल्पनिक पार्टी पर दांव लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है. हमें वास्तव में युवा वोटर्स के बारे में नए सिरे से सोचने और उन्हें नए दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है. यह हमारा न सिर्फ उनके प्रति बल्कि भारत के भविष्य के प्रति कर्तव्य है.”
That a social media created idea of CJP has taken the GenZ imagination by storm is a sad reflection of them losing hope in most of the current opposition parties. Clearly there is anger against BJP but voters would rather bet on a new figment of imagination created party than…
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) May 21, 2026
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट भारत में बैन
सीजेआई सूर्यकांत की बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ से तुलना करने वाली टिप्पणी के बाद 15 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अस्तित्व में आई थी. इसके एक्स अकाउंट को गुरुवार (21 मई) को भारत में बैन कर दिया गया है. हालांकि इस प्लेटफॉर्म का इंस्टाग्राम पेज अभी भी सक्रिय है और इसके करीब 143 लाख फॉलोअर्स हैं, जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है. बैन करने के बाद, ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक नया हैंडल भी बनाया गया है.
सरकार डर गई- अभिजीत दीपके
एक व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए, अभिजीत दीपके ने कहा कि यह अकाउंट और आंदोलन तेजी से बढ़ रहा था. दीपके ने आरोप लगाया, “एक्स हैंडल और आंदोलन हर दिन हजारों फॉलोअर्स के साथ बढ़ रहा है. शायद इसी बात से सरकार डर गई है.” आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे दीपके ने गुरुवार को X पर पोस्ट किया कि इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी ने शोशल मीडिया पर मचा दिया था तहलका
कॉकरोच जनता पार्टी के प्लेटफॉर्म ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था. इसने तीखे राजनीतिक व्यंग्य और टिप्पणियों के माध्यम से लोकप्रियता हासिल की. इसकी ज्यादातर सामग्री बेरोजगारी, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा जैसे युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित है, जिन्हें ग्राफिक्स, एनिमेशन, घोषणापत्र और चार्टर-शैली की मांगों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है.
इस तेज़ी से बढ़ते आंदोलन ने न सिर्फ मीम बनाने वालों और युवा यूजर्स का ध्यान खींचा, बल्कि सार्वजनिक हस्तियों का भी, जिन्होंने इसे डिजिटल विरोध का एक हथियार माना.
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