सीजेआई (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) सूर्याकांत की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने फैसला लेते हुए चार जजों की बतौर हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति करने की सिफारिश की है. इसमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. कॉलेजियम एक व्यवस्था है, जिसकी सिफारिश पर भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जज से लेकर चीफ जस्टिस की नियुक्ति की जाती है.
(ऐसे में हम उनकी लाइफ से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं. यह सिफारिश 6 अगस्त को हुई कॉलेजियम की मीटिंग में की गई थी.)
दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस कॉलेज से की है एलएलबी की पढ़ाई
इलाहबाद हाईकोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ था. उन्होंने दिल्ली स्थित किरोड़ीमल कॉलेज से बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है.
इन स्ट्रेटचरी बॉडी में भी निभा चुके अहम जिम्मेदारी
8 मई 1993 को वकील के तौर पर वह एनरोल हुए थे. इस दौरान उन्होंने सिविल, संवैधानिक और सर्विस से जुड़े मामलों में वकालत की. इसके अलावा उन्होंने नोएडा, गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी, इलाहाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी, IFFCO, IOC, और यूपी पावर कॉर्पोरेशन जैसे कई वैधानिक निकायों (Statutory Bodies) के लिए बहस करने वाले वकील यानी आर्ग्युइंग काउंसिल के तौर पर काम किया.
राज्य सरकार में सीनियर काउंसिल रह चुके अश्वनी कुमार मिश्रा
इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से महत्वपूर्ण मामलों में सीनियर काउंसिल के तौर पर भी काम किया. साल 2013 में सीनियर एडवोकेट के तौर पर नामित हुए. 3 फरवरी 2014 को एडिशनल जज बने थे.
साल 2016 में परमानेंट जज के तौर पर ली शपथ
1 फरवरी 2016 को परमानेंट जज के तौर पर शपथ ली. 21 जुलाई 2025 को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़ हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ. फिलहाल वह इस हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं.
