ओरिजिनल कोका-कोला फार्मूले में कोका की पत्तियों से मिलने वाली थोड़ी मात्रा में कोकीन शामिल थी.

डॉ जॉन पेम्बर्टन ने 1886 में कोका-कोला बनाया और शुरू में इसे सिर दर्द और थकान जैसी समस्याओं के लिए एक मेडिसिनल ड्रिंक के तौर पर बेचा.

कोका शब्द कोका की पत्तियों से आया और इसी के साथ कोला का मतलब कोला नट्स था. इनमें प्राकृतिक रूप से कैफीन होता है.

1880 के दशक में अमेरिका में कोकीन कानूनी थी और दवाओं और पेटेंट टॉनिक में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाती थी.

कोकीन की लत और नुकसानदायक असर को लेकर चिंता बढ़ने पर कोका कोला ने धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल कम कर दिया.

कंपनी ने 1903 के आस-पास कोकीन की मात्रा काफी कम कर दी थी. इसी के साथ 1929 तक ड्रिंक से इसे पूरी तरह हटा दिया.

आज बिकने वाली कोका-कोला में बिल्कुल भी कोकीन नहीं होती. इसे एक आम सॉफ्ट ड्रिंक के तौर पर बनाया जाता है.

कोका-कोला फ्लेवरिंग के लिए कोका- पत्ती के एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल करती रहती है. लेकिन फ्लेवरिंग के इस्तेमाल से पहले पत्तियों से कोकीन को एक डेकोकेनाइजेशन प्रक्रिया के जरिए हटा दिया जाता है.
Published at : 03 Oct 2026 06:15 PM (IST)
