- सीबीआई एफआईआर पर आधारित जांच अभी भी जारी है।
गुजरात में बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए M/s स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की करीब 4.53 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच की है. ईडी के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने 24 अगस्त, 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी किया था.
ईडी के अनुसार, इस मामले में कंपनी से जुड़े 79.56 करोड़ रुपये के प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की जांच की जा रही है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं.
लोन की रकम दूसरी कंपनियों और निजी खातों में पहुंचाई
जांच के दौरान ईडी को आरोप है कि कंपनी के तत्कालीन निदेशकों ने आपस में और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलीभगत कर बैंक से स्वीकृत ऋण की शर्तों का उल्लंघन किया. आरोप है कि लोन की रकम का एक हिस्सा नकद निकालकर इस्तेमाल किया गया, जबकि बड़ी रकम कथित तौर पर सिस्टर कंसर्न कंपनियों को बिना वास्तविक कारोबारी लेनदेन के ट्रांसफर की गई.
ईडी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में बैंक को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की मंशा से लोन की रकम का कथित दुरुपयोग और गबन किया गया.
गैर-कंसोर्टियम खातों से भी हुआ फंड का रूटिंग
जांच में सामने आए मनी ट्रेल के अनुसार, कंपनी ने लोन की रकम को अलग-अलग माध्यमों से डायवर्ट किया. इनमें नॉन-कंसोर्टियम बैंक खातों के जरिए लेनदेन, निदेशकों के निजी खातों में रकम का इस्तेमाल और सब्सिडियरी कंपनियों के माध्यम से लेनदेन शामिल बताए गए हैं.
ईडी ने बैंक से प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल और उसके आगे के लेनदेन की विस्तृत जांच के बाद करीब 4.53 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है. प्रोविजनल अटैचमेंट के बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्तियों की स्थिति पर आगे निर्णय होगा.
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