CPEC के सबसे अहम प्रोजेक्ट ग्वादर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक चीनी कंपनी ने खराब कारोबारी माहौल और लगातार घाटे का हवाला देते हुए अपनी फैक्ट्री बंद कर दी और सभी कर्मचारियों को निकाल दिया. इस घटनाक्रम ने CPEC की जमीनी स्थिति और विदेशी निवेशकों के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ग्वादर में चीनी कंपनी का संचालन बंद
पाकिस्तान के ग्वादर फ्री ज़ोन में काम कर रही हैंगेंग ट्रेड कंपनी ने शुक्रवार को अपनी फैक्ट्री बंद करने और सभी कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के दिन यह फैसला लेते हुए कहा कि “गैर-व्यावसायिक कारणों” और ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते कारोबार जारी रखना संभव नहीं रहा. कंपनी ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों को पूरा कर रही थी, लेकिन उसके शिपमेंट अटक गए, जिससे लगातार नुकसान हो रहा था. पिछले तीन महीनों से वह अधिकारियों के संपर्क में थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका, जिसके चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा.
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कर्मचारियों का बकाया चुकाकर बंद किया कारोबार
हैंगेंग ट्रेड कंपनी ने कहा कि फैक्ट्री बंद करने से पहले उसने सभी देनदारियां चुका दीं, जिसमें तीन महीने का वेतन, जुर्माना, बिजली बिल और कंटेनर डिमरेज चार्ज शामिल हैं. कंपनी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान और चीन के रिश्ते मजबूत हैं और CPEC एक प्रमुख प्रोजेक्ट है. हालांकि, कंपनी ने साफ कहा कि कारोबार के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नीति वातावरण बेहद जरूरी है. साथ ही, कंपनी ने पाकिस्तान सरकार और योजना मंत्रालय का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन निवेशकों को ग्वादर में निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करने की सलाह भी दी.
CPEC और निवेशकों के भरोसे पर सवाल
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसी महीने चीन दौरे पर जाने वाले हैं, जहां बिजनेस-टू-बिजनेस निवेश फोरम आयोजित होना है. ग्वादर में कंपनी बंद होने की खबर ने विदेशी निवेशकों के भरोसे और CPEC के भविष्य को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं. कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी पर अफसोस जताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में रोजगार बनाए रखना संभव नहीं था.
