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चुनाव हारने के बाद जब सामने आए ट्रंप तो कैसा था मिजाज, 41 मिनट तक क्या बात की?


अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है. मतदाताओं ने कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त दिलाई है. इसके बावजूद चुनाव परिणाम आने के अगले दिन ट्रंप की पहली सार्वजनिक मौजूदगी में राजनीतिक हार से ज्यादा चर्चा व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम की रही. 

वह पत्रकारों को निर्माण स्थल का दौरा कराने पहुंचे और लगातार 41 मिनट से अधिक समय तक इसकी खूबियों और वाशिंगटन में चल रही दूसरी निर्माण परियोजनाओं के बारे में बताते रहे. चुनाव में हार पर उन्होंने सवाल पूछे जाने के बाद ही प्रतिक्रिया दी.

भवन के बारे में विस्तार से दी जानकारी
बुधवार दोपहर व्हाइट हाउस के बॉलरूम निर्माण स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप हाथ में माइक लेकर निर्माण कार्य से जुड़ी एक बीम पर हस्ताक्षर करने पहुंचे थे. उनके पीछे निर्माण कर्मचारियों के हस्ताक्षर वाला एक पैनल लगा था. उन्होंने छत की ऊंचाई, कोरिंथियन शैली के स्तंभों और भवन के नक्शे की विस्तार से जानकारी दी.

उन्होंने रसोई की जगह को लेकर कहा, “अगर मैं रसोई को ऊपर रखता तो तीन दीवारें हटानी पड़तीं.” ट्रंप ने बताया कि जिस खदान के मालिक से उन्होंने पत्थर खरीदे, वह शुरुआत में इसे बेचने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन वह उन्हें पसंद करता था. उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह चूना पत्थर के स्तंभ लगाए जाएंगे, जो सुप्रीम कोर्ट की इमारत में लगे स्तंभों जैसे होंगे. बॉलरूम की सजावट में इटली के संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा.

बॉलरूम के नीचे पांच मंजिला बंकर बनाने का दावा
ट्रंप ने निर्माण परियोजना का सबसे खास हिस्सा बताते हुए बॉलरूम के नीचे पांच मंजिल गहराई में अत्याधुनिक बंकर बनाने की जानकारी दी. उन्होंने इसे “वाशिंगटन की सबसे सुरक्षित जगह” बताया. उनके मुताबिक, सेना ने शुरुआत में सवाल उठाया था कि इतनी नाजुक संरचना के नीचे खुदाई करना संभव होगा या नहीं. इसके बाद उनकी टीम ने सेना की सभी मांगों के अनुसार काम किया.

उन्होंने व्हाइट हाउस के लॉन में बने नए हेलिपैड की ओर भी पत्रकारों का ध्यान दिलाया. इसके अलावा वाशिंगटन में चल रही दूसरी सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “हम ट्रैश आइलैंड को भी बेहतर बना रहे हैं.” यह पोटोमैक नदी के किनारे स्थित एक गोल्फ कोर्स है, जिसे नए सिरे से तैयार किया जा रहा है.

डेमोक्रेट्स को बढ़त, रिपब्लिकन को बड़ा झटका
ट्रंप जब संगमरमर, स्तंभों और बॉलरूम की खूबियां गिना रहे थे, उसी दौरान चुनाव परिणाम उनकी पार्टी के लिए मुश्किल तस्वीर पेश कर रहे थे. नतीजों के मुताबिक, सीनेट की सात सीटें डेमोक्रेट्स के खाते में चली गईं और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में उन्हें 229 सीटें मिल चुकी थीं. कुछ सीटों के नतीजे आने बाकी थे और डेमोक्रेट्स की जीत का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद थी. प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है. चुनाव से पहले रिपब्लिकन के पास प्रतिनिधि सभा में 218 और सीनेट में 53 सीटें थीं.

ईरान युद्ध को लेकर बोले- फैसला दोबारा भी नहीं बदलता
पत्रकारों ने ट्रंप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा. वेंस ने कहा था कि ईरान युद्ध के कारण रिपब्लिकन को चुनाव में इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा. इस पर ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बात काफी हद तक सही है.” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उन्हें दोबारा फैसला लेने का मौका मिलता तो वह अपना निर्णय नहीं बदलते.

अपने आसपास मौजूद निर्माण कार्यों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी था. उनके अनुसार, अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो आसपास दिखाई देने वाली कई चीजें शायद मौजूद नहीं होतीं. संभव है कि केवल वह कमरा बचा रहता, जिसमें वह उस समय खड़े थे.

डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की बात, फिर सवालों से बनाई दूरी
ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में अपनाई गई रणनीति को लेकर कोई पछतावा है? उन्होंने इससे इनकार किया. उनका कहना था कि रैलियों में उनके प्रति दिखने वाले समर्थन और उत्साह को दूसरे उम्मीदवारों तक पहुंचाना संभव नहीं था.

नई डेमोक्रेटिक कांग्रेस के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा, “मैं शायद डेमोक्रेट्स के साथ काम कर लूंगा, जब तक वे विनाशकारी रवैया नहीं अपनाते.” साथ ही उन्होंने अपने पास वीटो की शक्ति होने की बात भी कही.

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