दुलार चंद यादव हत्याकांड में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ा दी है. अब अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक या उससे पहले सरेंडर करना होगा. इससे पहले उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया गया था. हालांकि, उनकी जमानत रद्द नहीं हुई है, बल्कि उसे सस्पेंड किया गया है.
दरअसल, 25 नवंबर को अनंत सिंह की बेटी की शादी है. इसी का हवाला उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दिया था. इसके बाद कोर्ट ने सरेंडर की समय सीमा बढ़ाकर 4 दिसंबर कर दी. इस मामले में 30 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी.
थाईलैंड से गयाजी पहुंचीं 2 महिलाएं, बैग खोलते ही कस्टम के उड़े होश
मृतक के पोते ने दायर की थी याचिका
दुलार चंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनंत सिंह की जमानत रद्द करने और उन्हें दोबारा जेल भेजने की मांग की थी. याचिकाकर्ता का आरोप था कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान दिए बिना उन्हें जमानत दे दी थी.
इसी साल मार्च में पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी को चार महीने के अंदर जांच पूरी करने और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश भी दिया है.
चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी हत्या
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है. पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे थे. वहीं, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी थे. दुलार चंद यादव उनके समर्थन में प्रचार कर रहे थे.
जहानाबाद में होटल और गेस्ट हाउस में पुलिस की रेड, 25 युवक-युवतियां पकड़े गए
इसी दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए. इस घटना में दुलार चंद यादव की हत्या हो गई थी. मामले में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जेल में रहते हुए ही उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीत लिया था.
