कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रवक्ता सौरभ दास दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन ले जा रहे तीन युवकों को निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया था. अब कॉकरोच जनता पार्टी के इस दावे पर दिल्ली का पक्ष सामने आया है, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के इस दावे का खंडन किया है और इसे भ्रामक और गुमराह करने वाला बताया है.
दिल्ली पुलिस का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में सीजेपी विरोध प्रदर्शन कर रहा है. साउथ ईस्ट दिल्ली के DCP रवि कुमार सिंह ने एक्स पर कहा कि जंतर-मंतर पर खाना ले जाने के लिए लड़कों को हिरासत में लिए जाने का दावा “झूठा और गुमराह करने वाला” था. आधिकारिक दावा है कि पुलिसकर्मियों ने किसी को भी खाने-पीने की चीजें ले जाने से नहीं रोका.
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रुटीन चेकअप के लिए पुलिस ने युवकों को रोका- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सफाई देते हुए कहा, “रूटीन पिकेट/चेकपोस्ट ड्यूटी के तहत, गाड़ी को सिर्फ उसमें बैठे लोगों की पहचान वेरिफाई करने और यह पता लगाने के लिए रोका गया था कि वे कहां से आ रहे हैं और कहां जा रहे हैं. जब पहचान-पत्रों की जाँच हो रही थी, तो गाड़ी का ड्राइवर गाड़ी और सामान लेकर वहां से चला गया.”
स्टाफ को नहीं पता था कि खाना प्रदर्शनकारियों के लिए ले जाया जा रहा था- पुलिस
पुलिस के अनुसार, “पूछताछ करने पर, गाड़ी में बैठे लोगों ने बताया कि खाने-पीने का सामान विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर ले जाया जा रहा था. ड्राइवर का इंतजाम गाड़ी में बैठे लोगों में से एक के दोस्त ने किया था और वे उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे. जब तक ड्राइवर वहाँ से गया, तब तक वहाँ तैनात स्टाफ को यह पता भी नहीं था कि खाना प्रदर्शनकारियों के लिए ले जाया जा रहा था.”
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के दावे पर कहा कि, “पुलिसकर्मी नियमों के अनुसार रूटीन पिकेट चेकिंग और वेरिफिकेशन की ड्यूटी कर रहे थे. सीजेपी की तरफ से किया जा रहा दावा बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण है, और ऐसा लगता है कि इसका मकसद वेरिफिकेशन की सामान्य प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश करना है.”
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