कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को लेकर सियासत जारी है. इस बीच नेताओं की ओर से आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी जारी है. वहीं शिवसेना एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता संजय निरुपम ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है.
शिवसेना नेता ने कहा, “जब बीकानेर हाउस ने उन तस्वीरों पर जब आपत्ति दर्ज की है तो उसे समझना पड़ेगा. ऐसा कुछ नहीं है कि सरकार किसी नौजवान को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने से रोक रही है. कोई भी व्यक्ति नौजवान अगर प्रतिभाशाली है तो भारत को उसकी प्रतिभा पर गर्व है, लेकिन अपनी प्रतिभा का दुरुपयोग राजनीतिक दृष्टिकोण से करना या राजनीति करने के लिए उस प्रतिभा का इस्तेमाल करना या उस प्रतिभा के माध्यम से राजनीतिक मैसेज देने का प्रयत्न करना. उसका टाइमिंग सही नहीं है.”
रेहान वाड्रा के मामले पर क्या बोले संजय निरुपम?
संजय निरुपम ने कहा, “मुझे पता चला प्रियंका गांधी के बेटे फोटोग्राफर हैं. उन्होंने कई तस्वीरें ली हैं और खासकर पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कांग्रेस पार्टी के आंदोलन हुए. उन आंदोलनों की तस्वीर उन्होंने ली या नहीं ये मुझे मालूम नहीं, लेकिन जब एक विषय न्यायाधीन है और सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. तब इस विषय के ऊपर किसी और माध्यम से जनमत तैयार करने का प्रयत्न करना मुझे लगता है गलत है.”
उन्होंने आगे कहा, “इसलिए बीकानेर हाउस ने आपत्ति जताई है. जहां तक दोनों भाई-बहनों का सवाल है तो उनमें आपस में कितनी बनती है या दिखावा कितना है. इसके पीछे सच्चाई क्या है यह आने वाले दिनों में पता चलेगा. जब भी सत्ता के दो केंद्र होते हैं, तो संघर्ष अपरिहार्य होता है. इन दोनों सत्ता केंद्रों को संचालित करने वाले व्यक्तियों की अलग-अलग कार्यशैली अक्सर टकराव का कारण बनती है, और यह टकराव निश्चित रूप से भाई-बहनों के बीच दूरी या तनावपूर्ण वातावरण पैदा कर सकता है.”
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