दिल्ली की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ी खबर आम आदमी पार्टी को लगे झटके की है. पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने बीजेपी में जाने का ऐलान कर दिया है. इस फैसले ने पार्टी के अंदर हलचल तेज कर दी है और इसे सीधे तौर पर बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है.
अचानक फैसले से बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला अचानक सामने आया, लेकिन इसके पीछे लंबे समय से चल रही अंदरूनी नाराजगी को वजह माना जा रहा है. खास बात यह है कि हाल ही में पार्टी के अंदर पदों को लेकर भी बदलाव हुए थे, जिसमें राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था. अब वही मित्तल, राघव चड्ढा के साथ खड़े नजर आ रहे हैं.
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मित्तल के बंगले से आज ही शिफ्ट हुए केजरीवाल
इसी बीच, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल नए सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए हैं. लोधी एस्टेट स्थित बंगले में उन्होंने परिवार के साथ प्रवेश किया है. इससे पहले वह अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अशोक मित्तल के सरकारी आवास में रह रहे थे.
अब जब मित्तल भी बीजेपी का रुख कर रहे हैं, तो यह घटनाक्रम और ज्यादा अहम हो जाता है. इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था.
आगे क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक साथ तीन राज्यसभा सांसदों का जाना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है. इससे न सिर्फ संसद में पार्टी की ताकत प्रभावित होगी, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी असर पड़ सकता है.
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आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अरविंद केजरीवाल इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और पार्टी को कैसे संभालते हैं. फिलहाल, इस घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है.
