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ज्ञानवापी विवाद पर समझौता बैठक में नहीं निकला कोई समाधान, दोनों पक्ष अड़े, अब कोर्ट पर टिकी नजर


वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को मुस्लिम पक्ष और हिन्दू पक्ष के बीच समझौता बैठक की गई. ये वाराणसी जिला अदालत परिसर स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई, जहां दोनों पक्षों ने ज्ञानवापी को लेकर अपना-अपना पक्ष रखा. लेकिन इस दौरान कोई भी पक्ष एक बात पर सहमत नहीं हो सका. 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 14 जुलाई को ज्ञानवापी मामले को लेकर समाधान समारोह मीडिएशन का आयोजन किया गया था. दोपहर के वक्त हिंदू पक्ष के पक्षकार अधिवक्ता और मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता बैठक स्थल पर पहुंचे. दोनों पक्ष से यह पूछा गया कि क्या इस मामले का निष्कर्ष मीडिएशन से संभव है तो दोनों पक्ष ने साफ कहा की मीडिएशन से इस मामले का निष्कर्ष संभव नहीं है. 

मीडिएशन से संभव नहीं ज्ञानवापी का मामला

सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश पर वाराणसी के जिला अदालत परिसर में समाधान समारोह (मिडिएशन) का प्रस्ताव रखा गया था. मंगलवार के दोपहर के समय दोनों पक्ष ने यह माना की मीडिएशन से ज्ञानवापी मामले का निष्कर्ष नहीं निकल सकता. 

इसकी प्रमुख वजह यह है कि ज्ञानवापी का मामला दोनों पक्ष के लिए धार्मिक और आस्था से जुड़ा हुआ है और दोनों पक्ष इस विषय पर एक भी कदम पीछे हटने को तैयार नहीं है. जबकि मध्यस्थता में स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष को कुछ समझौता करना पड़ेगा. इसलिए अदालत ही सुनवाई और फैसले के आधार पर इस मामले में उचित निर्णय कर सकती है. 

बैठक से दूर रहे मस्जिद कमेटी के लोग

इस मामले को लेकर वाराणसी के न्यायालय परिसर में मंगलवार की सुबह से ही हलचल तेज रही. हिंदू पक्ष के लोग जैसे ही बैठक कक्ष की तरफ बढ़े हर हर महादेव का उद्घोष किया. हालांकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से सिर्फ उनके अधिवक्ता मौजूद थे. पूर्व में ही अंजुमन इंतजामियां कमेटी ने इस बैठक से दूर रहने का निर्णय लिया था. 

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