- बिहार सरकार झींगा पालन पर 40-60% तक सब्सिडी दे रही है।
- सामान्य पुरुष 40%, महिला और SC/ST को 60% अनुदान मिलता है।
- सब्सिडी तालाब निर्माण, बीज और उपकरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- आवेदन के लिए fisheries.bihar.gov.in पर पंजीकरण कर दस्तावेज़ अपलोड करें।
Shrimp Farming Subsidy: किसान आजकल पारंपरिक खेती के अलावा झींगा पालन में अपनी किस्मत खूब आजमा रहे हैं और इसमें उन्हें सफलता भी मिल रही है. झींगा पालन कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाला एक ऐसा जरिया बन चुका है. देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ बिहार के गया जिले में भी मत्स्य विभाग किसानों और युवाओं को झींगा पालन जैसी आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए खास योजनाएं चला रहा है.
इस योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए मौके पैदा करना और किसानों की इनकम को बढ़ाना है. सरकार भी झींगा खेती पर भारी भरकम सब्सिडी दे रही है. जिससे इस काम की शुरुआती लागत का बोझ बहुत कम हो जाता है. चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि झींगा पालन में कितनी मदद मिलेगी और कैसे आप इसके लिए आवेदन कर पाएंगे.
झींगा पालन पर सरकार से कितनी मिल रही है सब्सिडी?
बिहार सरकार के मत्स्य विभाग की ओर से झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग वर्गों के हिसाब से काफी बेहतरीन सब्सिडी दी जा रही है. योजना के तहत सामान्य वर्ग के पुरुष आवेदकों को झींगा पालन की कुल लागत पर 40% तक का अनुदान दिया जाता है. वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सभी वर्ग की महिला आवेदकों के लिए 60% तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान है.
इसके अलावा अति पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को भी 60% तक की आर्थिक सहायता मिलती है. गया जिले में योजना के तहत विशेष लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस छूट का फायदा उठाकर अपनी झींगा यूनिट शुरू कर सकें.
झींगा खेती की लागत
झींगा खेती को आधुनिक तालाबों और वैज्ञानिक तरीकों से किया जाता है, जिससे कम समय में झींगे का आकार बड़ा होता है और बाजार में इसका बहुत ऊंचा भाव मिलता है. सरकार झींगा पालन के लिए तालाब निर्माण, बीज , चारा और आवश्यक उपकरणों की खरीद पर वित्तीय सहायता दे रही है.
इससे किसानों का शुरुआती निवेश काफी घट जाता है. झींगे की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बहुत अधिक है, जिससे इसे बेचने में कोई झंझट नहीं होता. सही देखभाल और सरकारी सब्सिडी के सहयोग से किसान एक ही सीजन में झींगा खेती से लाखों का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
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सब्सिडी के लिए कैसे करें अप्लाई?
अगर आप झींगा पालन की इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं. तो इसके लिए आपको बिहार सरकार के मत्स्य संसाधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर जाना होगा. पोर्टल पर सबसे पहले अपना व्यक्तिगत किसान रजिस्ट्रेशन करें.
इसके बाद योजनाओं की सूची में से झींगा पालन योजना का चयन करें और फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां देख कर भरें कहीं कोई गलती न हो वरना फार्म रिजेक्ट हो सकता है. इसके बाद अपने सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें. आप चाहें तो अधिक जानकारी के लिए अपने जिला मत्स्य कार्यालय में सीधे जाकर भी संपर्क कर सकते हैं.

योजना में आवेदन के लिए कौन से डाॅक्यूमेंट जरूरी?
झींगा पालन सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास कुछ बुनियादी दस्तावेज होना जरूरी है. सबसे पहले आपके पास बिहार का स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए. पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और एक्टिव मोबाइल नंबर जरूरी है. बैंक खाते में सब्सिडी की राशि पाने के लिए पासबुक की फोटोकॉपी या कैंसिल चेक लगेगा.
अगर आप अपनी खुद की जमीन में झींगा पालन का तालाब बना रहे हैं. तो जमीन की एलपीसी या रसीद जमा करनी होगी. अगर आपकी जमीन पट्टे यानी कि लीज पर ली गई है. तो कम से कम 9 से 10 साल का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट पेपर होना जरूरी है.
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