भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने टी. दिलीप की विदाई पर जो बात कही है वो वायरल हो गई है. दरअसल अब दिलीप की जगह शुभदीप घोष को भारत का फील्डिंग कोच बनाया गया है. रोहित ने पिछले पांच सालों में टीम के साथ किए गए दिलीप के काम के लिए उनका शुक्रिया अदा किया.
इंस्टाग्राम स्टोरी पर रोहित ने लिखा: “आप एक लेजेंड हैं, दिलीप गारू. आपने ग्रुप में कमाल का काम किया और आप पर्दे के पीछे रहकर कड़ी मेहनत करने वाले इंसान हैं. आगे के लिए शुभकामनाएं.”
दिलीप ने राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, दोनों के कार्यकाल में भारत की पुरुष टीम के फील्डिंग कोच के तौर पर काम किया. वह सबसे पहले 2021 में सपोर्ट स्टाफ़ में शामिल हुए और 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के आखिर तक इस भूमिका में रहे. 2025 में इंग्लैंड के टेस्ट दौरे के दौरान वह एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर दोबारा इस भूमिका में लौटे लेकिन कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद उन्हें आगे नहीं रखा गया.
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उनके भारतीय टीम के साथ कार्यकाल के दौरान, भारत ने 2024 और 2026 में T20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती. दिलीप के सबसे मशहूर आइडिया में से एक था ‘बेस्ट फील्डर ऑफ़ द मैच’ मेडल, जिसे 2023 ODI वर्ल्ड कप के दौरान शुरू किया गया था. मैच के बाद फील्डिंग मेडल देने का यह कार्यक्रम फ़ैन्स के बीच काफ़ी लोकप्रिय हुआ क्योंकि इसमें विजेता की घोषणा काफ़ी अनोखे और क्रिएटिव तरीक़े से की जाती थी. इस पहल का मकसद टीम में फील्डिंग का एक मज़बूत कल्चर बनाना और खिलाड़ियों को ज़्यादा रिस्क लेने और मैदान पर अपनी एथलेटिक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था.इस दौरान केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी मेडल जीतने वालों में शामिल थे.
जाने के बाद दिलीप ने इंस्टाग्राम पर विदाई का संदेश शेयर किया, जिसमें उन्होंने टीम का शुक्रिया अदा किया और अपने सफ़र को याद किया. उन्होंने कहा, “पांच साल. उस सफ़र के लिए सही शब्द ढूंढना मुश्किल है जो मेरे लिए इतना मायने रखता है. जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था. हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना. उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत पसंद करता हूं और मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला”
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