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ट्रंप के दूत से मिले व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी कैदी को रिहा करने के दिए आदेश


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार (21 अक्टूबर, 2026) को सेंट पीटर्सबर्ग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की. इस मुलाकात में पुतिन ने डोलाल्ड ट्रंप के दूत के साथ यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए नए सिरे से बातचीत की. वहीं, इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक अमेरिकी नागरिक को रूसी जेल से रिहा करने का भी आदेश दिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुलाकात से पहले पुतिन से 74 वर्षीय पूर्व शिक्षक स्टीफन हबर्ड को रूस की कैद से रिहा करने को लेकर अनुरोध किया था. हबर्ड ने यूक्रेन की तरफ से एक मर्शिनरी के तौर पर लड़ने के आरोप में रूस की जेलों में चार साल से ज्यादा समय बिताया था. यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर हुआ है, जब मॉस्को और वाशिंगटन के बीच रिश्ते लगातार करीबी होते नजर आ रहे हैं.

हबर्ड की रिहाई के पीछे क्या है पुतिन और ट्रंप की कोशिश?

हालांकि, स्टीफन हबर्ड की रिहाई को रूस की तरफ से ट्रंप को यूक्रेन के मुद्दे पर पुतिन के रुख के नजदीक लाने की एक सुनियोजित कोशिश के तौर पर देखी जा रही है. इसके अलावा, यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनावों से पहले एक कूटनीतिक जीत देने की कोशिश भी हो सकती है. 

वहीं, इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि रूस में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की पिछली कई रिहाइयां कैदियों की अदला-बदली के तहत हुई थीं, लेकिन इस बात पुतिन ने हबर्ड की रिहाई के लिए रूस की तरफ से एकतरफा आदेश दिया है, यानी यह रिहाई दोनों देशों के कैदियों की अदला-बदली के तहत नहीं हुई.

पुतिन की तरफ से रिहाई के आदेश आने के बाद ट्रंप का रिएक्शन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरफ से 74 वर्षीय स्टीफन हबर्ड की रिहाई के ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह रिहाई पिछले हफ्ते उनकी तरफ से पुतिन से सीधे किए गए अनुरोध के बाद हुई.

उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर कर कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति सम्मान की वजह से अमेरिका को इस रिहाई के बदले में अदला-बदली के तहत कुछ भी देने की जरूरत नहीं पड़ी. यह रूस के लिए एक अभूतपूर्व स्थिति है.’ 

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