अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की पत्नी बेटिना ट्रंप ने पुष्टि की है कि उनकी मई में हुई शादी के समारोह का कुछ खर्च रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाने वाले एक रूसी कारोबारी ने उठाया था. दंपती की ओर से जारी इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक, बहामास के एक निजी द्वीप पर तीन दिन चले शादी समारोह में से दो रातों के कार्यक्रम का खर्च रूसी अरबपति उमर क्रेमलेव ने आंशिक रूप से उठाया था.
यह बयान प्रोपब्लिका की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि क्रेमलेव ने शादी के जश्न पर लाखों डॉलर के बजाय सैकड़ों हजार डॉलर खर्च किए थे. डोनाल्ड ट्रंप जूनियर निजी नागरिक हैं, इसलिए किसी विदेशी नागरिक से इस तरह का उपहार स्वीकार करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है. हालांकि, नैतिकता से जुड़े संगठनों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष से जुड़े व्यक्ति से इतना महंगा उपहार लेना हितों के टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है.
दंपती ने कहा- दोस्त ने दिया बेहद उदार शादी का तोहफा
दंपती की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनके करीबी दोस्त उमर ने शादी के बाद उनके लिए दो शानदार रातों के समारोह की मेजबानी की. उन्होंने इसे दोस्त की ओर से दिया गया बेहद उदार शादी का तोहफा बताया और कहा कि वे इसके लिए उस समय भी आभारी थे और आज भी हैं.
हालांकि, वॉशिंगटन स्थित नैतिकता निगरानी संस्था सिटिजन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स इन वॉशिंगटन (सीआरईडब्ल्यू) ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं. संस्था के संचार उपाध्यक्ष जॉर्डन लिबोविट्ज ने कहा कि लोग किसी सामान्य परिचित को बिना किसी उम्मीद के सैकड़ों हजार डॉलर नहीं देते. उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि पुतिन के करीबी लोगों द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार के करीबियों के साथ नजदीकी दिखाने से किसे फायदा हो सकता है.
निजी द्वीप पर शादी, एक रात का किराया करीब एक लाख डॉलर
प्रोपब्लिका की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और बेटिना ट्रंप ने बहामास के एक निजी द्वीप पर शादी की थी. इसके बाद दूसरे द्वीप पर दो दिन तक जश्न मनाया गया. इस निजी द्वीप का किराया करीब एक लाख डॉलर प्रति रात बताया गया है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि क्रेमलेव ने समारोह के दूसरे खर्च भी उठाए. इनमें करीब 70 हजार डॉलर का आतिशबाजी कार्यक्रम भी शामिल था. क्रेमलेव इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबीए) चलाते हैं. यह संगठन सरकारी समर्थन वाली रूसी ऊर्जा कंपनी गाजप्रोम से वित्तीय मदद प्राप्त करता है. ओलंपिक समिति ने गाजप्रोम से संबंधों की जानकारी नहीं देने समेत कई कारणों से इस संगठन को निलंबित किया था.
पुतिन के साथ चीन गए थे क्रेमलेव
प्रोपब्लिका के अनुसार, इसी साल क्रेमलेव उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चीन गया था. पुतिन ने क्रेमलेव को रूस के शीर्ष राजकीय सम्मानों में शामिल ‘ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप’ भी प्रदान किया है. डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने प्रोपब्लिका से कहा कि ट्रंप जूनियर और क्रेमलेव निजी दोस्त हैं और दोनों के बीच किसी तरह का कारोबारी संबंध नहीं है. वहीं, ट्रंप जूनियर के एक सहयोगी ने बीबीसी को दंपती की ओर से इंस्टाग्राम पर जारी बयान का हवाला दिया. क्रेमलेव के कार्यालय ने भी प्रोपब्लिका को दिए बयान में कहा कि क्रेमलेव और ट्रंप जूनियर के बीच दोस्ताना संबंध हैं. बयान के मुताबिक, दोनों की मुलाकात कुछ साल पहले हुई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेमलेव शादी समारोह के एक हिस्से में मौजूद भी थे.
इवांका ट्रंप और जेरेड कुशनर भी शादी में पहुंचे
शादी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर भी शामिल हुए थे. कुशनर ईरान, रूस और मध्य पूर्व से जुड़े कूटनीतिक मामलों में अमेरिकी सरकार के लिए बातचीत में भूमिका निभा चुके हैं. ट्रंप परिवार और उनके चुनाव अभियान को 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूस से संभावित संबंधों को लेकर पहले भी विवादों का सामना करना पड़ा था. इस मामले में विशेष वकील की जांच भी हुई थी. चुनाव अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने ट्रंप टावर में एक रूसी ऑपरेटिव के साथ बैठक कराई थी, जिसकी विशेष वकील की जांच के दौरान बारीकी से पड़ताल की गई थी.
नैतिकता पर सवाल- ट्रंप परिवार खुद उठा सकता था शादी का खर्च
सीआरईडब्ल्यू के जॉर्डन लिबोविट्ज ने कहा कि संभावित हितों के टकराव से बचने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या उनके बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर खुद शादी का पूरा खर्च उठा सकते थे. फोर्ब्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की संपत्ति करीब 30 करोड़ डॉलर है, जबकि उनके पिता अरबपति हैं. लिबोविट्ज ने सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रपति और उनके बेटे दोनों के पास शादी का खर्च उठाने की क्षमता थी, फिर भी उन्होंने ऐसा नहीं किया. उनके मुताबिक, इससे इस पूरे मामले के नैतिक पहलू पर सवाल खड़े होते हैं.
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