राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र के पारडाथुर गांव में कथित झोलाछाप के इलाज के बाद 29 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि बुखार के इलाज के दौरान लगाए गए इंजेक्शन, ड्रिप और दवाओं के बाद युवक की हालत अचानक बिगड़ गई. युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
मृतक की पहचान पारडाथुर गांव निवासी 29 वर्षीय पूंजीलाल ननोमा के रूप में हुई है. उसके पिता बाबूलाल ननोमा ने बताया कि गुरुवार को पूंजीलाल को हल्का बुखार था. वह अपनी मोटरसाइकिल से रामगढ़ गांव स्थित हितेंद्र उर्फ सुखलाल पाटीदार के क्लीनिक पहुंचा. परिजनों का आरोप है कि वहां उसे इंजेक्शन लगाया गया, ड्रिप चढ़ाई गई और कुछ दवाएं देकर घर भेज दिया गया.
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घर पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक, घर लौटने के कुछ ही देर बाद पूंजीलाल की तबीयत अचानक खराब हो गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा. इसके बाद उसकी पत्नी सूर्या उसे दोबारा उसी क्लीनिक पर लेकर पहुंची.
आरोप है कि हालत गंभीर होने पर कथित झोलाछाप अपनी कार से उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल लेकर गया और इमरजेंसी में भर्ती कराया. परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वह वहां से चला गया.
इलाज के दौरान हुई मौत, परिजनों का हंगामा
शुक्रवार तड़के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान पूंजीलाल की मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए. उन्होंने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
परिजनों का कहना है कि इलाके में पहले भी कई बार कथित झोलाछापों की शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से वे खुलेआम इलाज कर रहे हैं.
घटना की सूचना मिलने पर दोवड़ा थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली. परिजन पहले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने और कार्रवाई का भरोसा मांगते रहे. विरोध के चलते समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था.
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इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में कथित झोलाछापों के जरिए इलाज किए जाने और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल युवक की मौत के कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी. यदि जांच में परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
