Union Cabinet Decisions: केन्द्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को दो ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनसे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक समस्या कम करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क भी पहले से कहीं ज्यादा तेज और बेहतर हो जाएगा. कैबिनेट का पहला बड़ा फैसला दिल्ली के लिए है. कैबिनेट ने करीब 6,970 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर लंबी छह-लेन द्वारका टनल के निर्माण को मंजूरी दी है.
यह टनल शिवमूर्ति से वसंत कुंज होते हुए बारापुला के पास तक बनाई जाएगी. परियोजना को पूरा करने में लगभग पांच साल का समय लगेगा. इस टनल के बनने से दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और एयरपोर्ट के साथ ही प्रमुख इलाकों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा.
केंद्रीय कैबिनेट की ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पहला प्रोजेक्ट 2-लेन द्वारका टनल है. यह दिल्ली के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा. 8 किलोमीटर लंबी यह टनल एक पुरानी मांग को पूरा करेगी.
केन्द्रीय कैबिनेट के अहम फैसले
दूसरा बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए है. कैबिनेट ने कानपुर से कबरई तक 242 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे को मंजूरी दी है. इस परियोजना की लागत 7,145 करोड़ रुपये होगी और इसे करीब ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
आगे चलकर यह सड़क भोपाल तक बेहतर सड़क संपर्क का हिस्सा बनेगी. इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में भारी कमी के रूप में देखने को मिलेगा. फिलहाल कानपुर से कबरई तक का सफर करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा होता है, लेकिन नई फोर-लेन सड़क बनने के बाद यही दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी.
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “दूसरा प्रोजेक्ट (जिसकी घोषणा आज केंद्र सरकार ने की है) यूपी के बुंदेलखंड इलाके को जोड़ता है. यह कानपुर से भोपाल के बीच के हिस्से को कवर करता है. आज जिस हिस्से को मंज़ूरी मिली है, वह कानपुर से कबराई तक 242 किलोमीटर लंबा है.
ट्रैफिक पर कम होगी दबाव
इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. इन दोनों परियोजनाओं के जरिए केंद्र सरकार का फोकस शहरी ट्रैफिक सुधारने, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत करने और देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच तेज, सुरक्षित और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर है.
ये भी पढ़ें:
