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दिल्ली: महिला हेड कॉन्स्टेबल ने कई परिवारों की लौटाई मुस्कान, सालभर में ढूंढे 119 लापता बच्चे


दिल्ली पुलिस की एक महिला हेड कॉन्स्टेबल ने ऐसा बेहतरीन काम किया है, जिसकी वजह से कई परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है. चंचल नाम की इस महिला हेड कॉन्स्टेबल ने 12 महीनों में 119 लापता बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिलाया. इनमें से 41 बच्चों की उम्र 14 साल से भी कम है. साउथ-ईस्ट जिले के एडिशनल DCP ने महिला पुलिसकर्मी के काम की सराहना की है.

साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल DCP उत्कर्ष ने कहा, “हेड कांस्टेबल चंचल अभी दक्षिण-पूर्व जिले के जैतपुर पुलिस स्टेशन में तैनात हैं. पिछले साल नवंबर से अब तक, उन्होंने एक साल के भीतर 119 लापता बच्चों को ढूंढकर उन्हें उनके परिवारों से मिलाकर बेहतरीन काम किया है. इनमें से 41 बच्चे 14 साल से कम उम्र के थे, और सबसे छोटा बच्चा लगभग तीन साल का था.”

हेड कॉन्स्टेबल चंचल ने 119 परिवारों में खुशियां लौटाईं- DCP

उन्होंने कहा, ”यह ऑपरेशन भारत के लगभग 7-8 राज्यों तक फैला हुआ था और 119 बच्चों को ढूंढ निकाला गया. बच्चों का खोना या फिर लापता होना किसी परिवार के लिए दुखद समाचार होता है, तो इस बात को ध्यान में रखते हुए हेड कॉन्स्टेबल चंचल ने बहुत ही उम्दा काम किया है. 119 परिवारों में वापस खुशियां लौट आई हैं.” 

हेड कॉन्स्टेबल चंचल का होगा प्रमोशन

डीसीपी ने आगे कहा, ”दिल्ली पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डर 2024 के अनुसार, जो पुलिसकर्मी एक साल में कम से कम 80 लापता बच्चों को ढूंढता है, जिसमें 14 साल से कम उम्र के 40 बच्चे शामिल हों, वह ‘आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन’ (समय से पहले प्रमोशन) के लिए पात्र हो जाता है. चंचल ने इन शर्तों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह प्रमोशन लिए पात्र हैं.” 

हमने लापता बच्चों के माता-पिता का दर्द और बेबसी देखी- चंचल

दिल्ली पुलिस की हेड कॉन्स्टेबल चंचल ने कहा, “पिछले डेढ़ साल से मैं जैतपुर पुलिस स्टेशन में तैनात हूं. जब मैंने यहाँ काम शुरू किया, तो मैंने उन माता-पिता का दर्द और बेबसी देखी, जिनके बच्चे लापता हो गए थे. खुद एक माँ होने के नाते, मैं उनकी भावनाओं को समझ सकती थी. मेरी भी आठ साल की बेटी है, इसलिए मैं उनके दुख से गहराई से जुड़ गई. इसी बात ने मुझे लापता बच्चों को खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया.”

सीनियर अधिकारियों के सहयोग से लक्ष्य किया हासिल- चंचल

उन्होंने आगे कहा, ”अपने SHO, सीनियर अधिकारियों और DCP के सहयोग और मार्गदर्शन से मैंने लापता बच्चों के मामलों पर काम करना शुरू किया. उनके लगातार समर्थन, खासकर तकनीकी मदद और जानकारी उपलब्ध कराने से मुझे अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली. सिर्फ एक साल में, मैंने 119 लापता बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिलाया. इनमें झारखंड, बिहार और देश के अन्य हिस्सों में मिले बच्चे भी शामिल हैं.”

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