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पंजाब में फिल्म ‘सतलुज’ पर BJP नेता आपस में भिड़े? रवनीत बिट्टू को लालपुरा ने दी सलाह- ‘हद में रहें’


दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद से पंजाब में सियासत गरमा गई है. यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है. इस फिल्म को लेकर बीजेपी के नेताओं के बीच ही टकराव देखने को मिल रहा है.

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू लगातार खालिस्तानी आतंकवाद पर बोल रहे हैं और फिल्म पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, बीजेपी नेता इकबाल सिंह लालपुरा ने रवनीत सिंह को सलाह दी है कि वो सोच समझकर बयान दें. दरअसल, रवनीत सिंह फिल्म के उस दावे पर सवाल उठाया था, जिसमें कहा गया था कि जब पंजाब आंतकवाद का सामना कर रहा था तब राज्य में 25 हजार शवों का गुप्त रूप से अंतिम संस्कार कर दिया गया था.

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क्या कहा इकबाल सिंह ने?

बीजेपी नेता इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा ने गायब हुए नौजवानों का जो आंकड़ा दिया था वो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने वेरिफाई किया था. उन्होंने कहा कि अगर बिट्टू साहिब को आंकड़ा चाहिए तो वो इसे NHRC से ले सकते हैं. उन्होंने कहा है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हमने पूर्व में हुई घटनाओं से क्या सीखा है.  हालांकि, लालपुरा ने साफ किया कि केंद्र सरकार ने फिल्म पर रोक नहीं लगाी है. सरकार और पार्टी का उस पर कोई कंट्रोल नहीं है. 

रवनीत सिंह ने क्या कहा था?

बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा था कि निर्माता जिन 25 हजार अज्ञात शवों की बात कर रहा है उसे प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज सामने रखने चाहिए. 25,000 तो छोड़िए, मैं तो कहता हूं कि 5,000 का डेटा भी उन्हें मीडिया, अपने कमीशन और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सामने रखना चाहिए. इस फिल्म को लेकर रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि इसपर रोक में सरकार या पार्टी का कोई कंट्रोल नहीं है. उन्होंने दावा किया था कि फिल्म मेकर्स ने पहले ही फिल्म को कुछ देर के लिए प्लेटफॉर्म पर रखा ताकि लोगों में उत्सुकता जगे और पैसे कमाने के बाद उसे खुद ही हटा लिया.

रवनीत सिंह ने तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के लगाए आरोप

बीजेपी नेता रवनीत सिंह जो  बेअंत सिंह के पोते हैं, उन्होंने कहा कि फिल्म में कई तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि सरदार बेअंत सिंह की हत्या पहले हो चुकी थी, जबकि फिल्म में दिखाया गया है कि उन्होंने केपीएस गिल से कहा कि खालरा को रोकना होगा. इसके अलावा

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने तो सिखों को मारा, हिंदुओं ने सिखों को बचाया है. ऐसे सिखों की तस्वीर दिखाएं जो रोल मॉडल रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों की भी तस्वीर दिखाइए जो सिख के वेश में आतंकी रहे हैं. गुड सिख और बैड सिख के बीच का अंतर बताएं. क्या हम ऐसे लोग जो आतंकी रहे हैं, उनको ग्लोरिफाई करेंगे?

उन्होंने आगे था कहा कि पंजाब में हिंदुओं और सिख में लड़ाई नहीं है, लेकिन पाकिस्तान की कोशिश यह है कि हिंदू और सिखों को लडवा दे. अकाल तख्त के जत्थेदार से अपील है कि अगर अरदास कर रहे हैं की अरदास हो तो सिख, हिंदू, पुलिस वाले, आम जनता सबके लिये अरदास हो. 

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