पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दो पुराने सहयोगी दलों शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बीजेपी के बीच गठबंधन को लेकर सियासी अटकलें तेज हैं. वहीं इस बीच गठबंधन की चर्चा को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को ऐसी किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है.
दरअसल, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पिछले शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में दोनों दलों के बीच पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले फिर से गठबंधन होने की चर्चा शुरू हो गई थी. पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं.
‘बीजेपी का जनता से गठबंधन’
वहीं हरियाणा में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के लिए मासिक सहायता राशि जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सैनी ने कहा कि नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है.
‘अपने दम पर सरकार बनाएगी बीजेपी’
सीएम सैनी ने कहा कि वह यह बात पूरे विश्वास के साथ कह रहे हैं, क्योंकि वह पंजाब में लोगों से मिलते हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाएगी.
कांग्रेस ने कसा तंज
वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल से पूछा कि वे बीजेपी के साथ चुनावी गठबंधन के लिए इतने बेताब क्यों हैं कि उन्हें विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर यू-टर्न लेना पड़ा.
राजा वड़िंग ने सुखबीर बादल को याद दिलाया कि महज तीन महीने पहले उनकी पार्टी ने परिसीमन विधेयक का विरोध किया था और इसे पंजाब के हित के विरुद्ध बताया था. उन्होंने पूछा कि इन तीन महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि आपको उसी विधेयक में अच्छाई दिखने लगी, जिसे आपने पहले पंजाब के हित के विरुद्ध बताया था.
