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पश्चिम बंगाल में घुसपैठिए पर शुभेंदु सरकर का बड़ा एक्शन, CAA लागू कर डिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू, BSF के हवाले जमीन


West Bengal Govt Transfer 27 Acre Land to BSF: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में घुसपैठ रोकने के लिए बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत और बांग्लादेश बॉर्डर इलाके में बाड़ लगाने के लिए 43 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपने की घोषणा की है. यह इलाका करीबन 27 किलोमीटर का है. सीएम ने कहा 2,200 किलोमीटर की सीमा में से 1,600 किलोमीटर पर बाड़ लगाई जा चुकी है.

सीएम अधिकारी ने बीएसफ के साथ नबान्न में एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 2,200 KM की बॉर्डर में से 1,600 किलोमीटर पर बाड़ लगाई जा चुकी है. पिछली सरकार की वजह से 550 किलोमीटर का हिस्सा खुला रह गया था. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घुसपैठ को खतरा बताते हुए पिछली सरकार पर घुसपैठियों को सुरक्षा देने का आरोप लगाया. इसके अलावा उन्होंने पुलिस को घुसपैठियों को तुरंत अरेस्ट कर बीएसएफ को सौंपने का आदेश दिया है. 

27 KM की जमीन दो सप्ताह के अंदर ट्रांसफर की जाएगी: अधिकारी

अधिकारी ने कहा कि शुरुआती 27 KM की जमीन दो सप्ताह के अंदर ट्रांसफर कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह सीमा सुरक्षा संरचना और सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण की मात्र शुरुआत है. इसी कार्यक्रम में उन्होंने राज्य पुलिस को निर्देश देते हुए घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपे जाने के लिए एक सिस्टम लागू करने की घोषणा की है. 

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साथ ही जोर देकर कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत नहीं आने वाले समुदायों को तत्काल प्रभाव से लागू होने वाली प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया जाएगा और निर्वासित किया जाएगा. शुभेंदु अधिकारी ने इसे डिटेक्ट, डिपोर्ट और डिलीट किए जाने की बात कही है. साथ ही इस कार्यप्रणाली की व्याख्या भी की है. 

पिछली सरकार ने सीएए का विरोध किया था: शुवेंदु अधिकारी
शुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने सीएए का विरोध किया था. केंद्र की तरफ से इस प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने में भी नाकाम रही थी. एक तरफ पिछली सरकार ने सीएए का विरोद किया, दूसरी तरफ उसने इस अहम प्रावधान का इस्तेमाल नहीं किया. हम इसे लागू कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि CAA के तहत  शामिल समुदायों के नाम बताए गए हैं. जो लोग 31 दिसंबर, 2024 तक (भारत) आए हैं, वे सुरक्षित हैं, और पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकती. नागरिकता कानून के तहत आने वाले समुदायों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं.तय कट-ऑफ तारीख से पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आए थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस कानून के तहत नहीं आते, उन्हें घुसपैठिया माना जाएगा.  BSF, BGB यानी कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश से बात करेगी. उन्हें वापस भेजने के लिए जरूरी कदम उठाएगी. यह कानून आज से लागू किया जा रहा है.

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