केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (7 सितंबर 2026) को बताया कि भारत ने कैसे ग्लोबल पॉलिटिक्स में हो रहे उथल-पुथल के बावजूद अपनी आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार देने में कामयाबी हासिल की. गोवा पुलिस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के साथ बढ़े आर्थिक जुड़ाव का भी वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने में अहम योगदान रहा. उन्होंने बताया कि दुनिया की राजनीति में उथल-पुथल के बावजूद भारत ने अन्य देशों के साथ जुड़ाव बढ़ाकर और रणनीतिक साझेदारियां कायम कर अपनी आर्थिक ग्रोथ को कायम रखा.
भारत ने 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों के बीच संघर्ष के कारण वैश्विक कूटनीतिक परिदृश्य में अस्थिरता बनी हुई है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 देशों की यात्रा की, जबकि करीब 15 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भारत का दौरा किया. उन्होंने कहा, ‘जब भी कोई मुद्दा आता है तो पूरी दुनिया इस पर नजर रखती है कि भारत के प्रधानमंत्री की इस पर क्या राय और नजरिया है. लंबे समय बाद हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने दुनिया में भारत के लिए यह सम्मान हासिल किया है.’
उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी के लगातार प्रयासों और वैश्विक पहुंच के कारण भारत की कूटनीति ने दुनिया में अपनी जगह मजबूत की है. 2026 तक भारत ने नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं और 38 देशों के साथ ऐसे समझौते प्रस्तावित हैं. भारत व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर आगे बढ़ रहा है.’
‘डिफेंस के क्षेत्र में भारत ने किए ठोस समझौते’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘भारत ने डिफेंस, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, निवेश और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अन्य देशों के साथ ठोस समझौते किए हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रहने का एक कारण व्यापक आर्थिक जुड़ाव भी है. 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जो अब 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प में बदल गया है.’ उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खतरे से निपटने के लिए राज्यों के साथ सीधे संवाद की शुरुआत की है और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन ‘1930’ आने वाले समय में एक बड़ा सुरक्षा कवच बनेगी. उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए पहली शर्त आंतरिक और सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि गोवा पुलिस ने आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत करने में भी अच्छा काम किया है.
