उत्तर प्रदेश कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है. कांग्रेस ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया. उन्होंने अजय राय की जगह ली है. इसी फेरबदल में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.
लेकिन आराधना मिश्रा ‘मोना’ की पहचान सिर्फ विधायक या कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नहीं है. उनका राजनीतिक सफर गांव और ब्लॉक स्तर की राजनीति से शुरू हुआ और करीब दो दशक में वह प्रदेश कांग्रेस की कमान तक पहुंची हैं.
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ब्लॉक स्तर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
आराधना मिश्रा ने सीधे विधानसभा की राजनीति में कदम नहीं रखा था. विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले वह ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल चुकी थीं. साल 2001 के बाद लगातार तीन कार्यकाल तक ब्लॉक प्रमुख रहीं. इस दौरान उन्होंने स्थानीय राजनीति के साथ ग्रामीण और संगठनात्मक स्तर पर अपनी पकड़ बनाई.
यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति की नींव बना. उन्होंने कांग्रेस संगठन में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और धीरे-धीरे प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई.
पिता प्रमोद तिवारी की सीट से विधानसभा में एंट्री
आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. रामपुर खास सीट से उनके परिवार का लंबा राजनीतिक जुड़ाव रहा है. प्रमोद तिवारी इस सीट से 1980 से 2012 तक लगातार 9 बार विधायक रहे. 2014 में उनके राज्यसभा जाने के बाद रामपुर खास सीट पर उपचुनाव हुआ और कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को मैदान में उतारा. उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में कदम रखा.
इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने रामपुर खास से जीत दर्ज की. इस तरह वह लगातार तीन बार इस सीट से विधायक चुनी गईं. 2017 में उन्होंने बीजेपी के नगेश प्रताप सिंह को करीब 17 हजार वोटों से हराया था.
2019 में मिली बड़ी जिम्मेदारी
2017 की जीत के बाद कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता बनाया. 2019 से वह इस भूमिका में पार्टी की प्रमुख विधानसभा आवाजों में शामिल रहीं और 2022 के चुनाव के बाद भी उन्हें यह जिम्मेदारी मिली.
विधानसभा के भीतर सरकार को घेरने से लेकर अलग-अलग मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने तक वह लगातार सक्रिय दिखाई दीं.
प्रियंका गांधी के साथ भी दिखीं
आराधना मिश्रा का नाम प्रियंका गांधी के साथ काम करने वाले कांग्रेस नेताओं में भी लिया जाता है. वह प्रियंका गांधी के कई दौरों और अभियानों में उनके साथ नजर आईं.
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही. हाथरस, उन्नाव, उम्भा, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी जैसे मामलों में प्रियंका गांधी के दौरों के दौरान भी वह उनके साथ दिखाई दी थीं.
पढ़ाई और निजी जीवन
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 1997 में बीकॉम की डिग्री हासिल की थी. साथ ही उन्होंने MBA की पढ़ाई भी की हुई है. निजी जीवन की बात करें तो उनकी शादी अंबिका मिश्रा से हुई है. दोनों के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है. चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पति का पेशा कृषि और कारोबार से जुड़ा है.
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अब यूपी कांग्रेस की कमान
अब आराधना मिश्रा के राजनीतिक करियर में सबसे बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी आई है. कांग्रेस ने उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया है. यानी रामपुर खास से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी तक पहुंच गया है.
कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर दर्ज किया गया है.
