शनिवार को दिल्ली में हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट में कवरेज के दौरान एक महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर सेक्सुअल हैरसमेंट और धक्का मुक्की का आरोप लगाया है. अब इस पूरे मामले पर बवाल खड़ा हो गया है. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि पीड़ित के साथ एक डेलीगेशन अभी पुलिस स्टेशन के अंदर है.
सौरव ने कहा है कि उनके साथ रत्ना सिंह, वृंदा करात, आइशी घोष और ऋषभ रंजन हैं. हमने एक सीनियर अधिकारी से मीटिंग में मौजूद रहने के लिए कहा है.
सौरव बोले- जबरदस्ती अंदर घुस जाएंगे
इससे पहले सौरव ने कहा था कि शिकायत यानी पीड़िता अपने वकीलों और हम बाकी लोगों के साथ यहां मौजूद हैं. वे हमसे बात क्यों नहीं करेंगे? हमने उन्हें दो तीन मिनट का समय दिया है. वरना हम जबरदस्ती अंदर घुस जाएंगे.
🚨UPDATE: A delegation with the victim is inside the Police Station now. I am joined by @whattalawyer, Brinda Karat, @aishe_ghosh and @rishav_ranjan18. We have asked a senior officer to be present for the meeting.
— Saurav Das (@SauravDassss) October 4, 2026
इसके अलावा सौरव ने कहा कि पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर हैं. पुलिस उस पीड़िता से मिलने को तैयार नहीं है, जिसके साथ एसीपी विवेक भगत ने छेड़छाड़ की है. यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. जब तक वे हमें अंदर नहीं जाने देते हैं, हम यहीं डटे रहेंगे.
पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने क्या कहा है?
इधर, एक तरफ प्रदर्शनकारी लगातार एसीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि ऐसी तीन शिकायत मिली है. उन्हें रविवार यानी 4 अक्टूबर को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है.
On 03-10-26, during the protest in New Delhi area, while being in law and order situation, allegations of sexual harassment were made by three female journalists against police officers. New Delhi District has received their complaints and the same are transferred to Crime Branch for fair and impartial enquiry. @PTI_News @ANI #DPUpdates
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 4, 2026
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि वहां बहुत सारे कैमरापर्सन मौजूद थे. अगर घटना हुई थी, तो उसका कोई सबूत होना चाहिए. पुलिस को निशाना बनाने के लिए यह शिकायत की जा रही है.
