Headlines

फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका, NIOS के जरिए दोबारा दाखिले की प्रक्रिया शुरू


दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे छात्र जो 9वीं या 10वीं कक्षा में सफल नहीं हो पाए, उनके लिए शिक्षा विभाग ने एक नया रास्ता खोल दिया है. राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से उन्हें दोबारा पढ़ाई जारी रखने का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई बीच में छोड़े बिना आगे बढ़ सकें.

सरकारी स्कूल के छात्रों को ही मिलेगा लाभ

शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है. इसमें वे छात्र शामिल हैं जो 9वीं या 10वीं में कम से कम दो बार असफल रहे हैं या कंपार्टमेंट की स्थिति में हैं. हालांकि, जो छात्र पहली बार 2025-26 सत्र में फेल हुए हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे और उन्हें अपने मौजूदा स्कूल में ही पढ़ाई जारी रखनी होगी.

स्कूलों पर जिम्मेदारी, छात्रों को जोड़ने के निर्देश

विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र छात्रों की पहचान करें, उनसे संपर्क करें और उन्हें इस योजना में शामिल होने के लिए प्रेरित करें. साथ ही आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था कर समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराना भी स्कूलों की जिम्मेदारी होगी, ताकि कोई भी योग्य छात्र इस अवसर से वंचित न रहे.

ऑनलाइन प्रक्रिया और अध्ययन केंद्रों की व्यवस्था

पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसे स्कूल प्रमुख NIOS प्रणाली के जरिए पूरा करेंगे. कक्षाएं दिल्ली के लगभग 75 चयनित सरकारी स्कूलों में बनाए गए अध्ययन केंद्रों पर संचालित होंगी, जिससे छात्रों को नियमित मार्गदर्शन मिल सके.

परीक्षा शुल्क और विषयों के विकल्प निर्धारित

इस योजना के तहत परीक्षा शुल्क 300 रुपये प्रति विषय तय किया गया है, जबकि प्रायोगिक विषयों के लिए 150 रुपये प्रति विषय देने होंगे. ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट (TOC) के लिए 230 रुपये प्रति विषय शुल्क रखा गया है. छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, पेंटिंग और गृह विज्ञान जैसे विषयों में से चयन करने का विकल्प मिलेगा. इसके अलावा डेटा एंट्री ऑपरेशन विषय को अतिरिक्त रूप से भी चुना जा सकता है.

आवेदन की अंतिम तारीख

इस पूरी प्रक्रिया के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 जुलाई निर्धारित की गई है. विभाग का उद्देश्य है कि पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंचे छात्रों को मुख्यधारा में वापस लाया जाए और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं.

ये भी पढ़ें: तेजी से बढ़ रहा डिजिटल पत्रकारिता का क्रेज, जानें कैसे करें अपनी जर्नी की शुरुआत?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *