भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान से आपात संकेत मिलने के बाद लड़ाकू विमानों को भेजा गया था, लेकिन उन्हें कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी. उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी सूझबूझ और साहस के दम पर कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद मांगने में सफल रहे. मच्छार ने फ्लाईदुबई की इजराइल जा रही फ्लाइट को दर्घटनाग्रस्त होने की कोशिश को नाकाम कर दिया था.
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के इस साहसिक कदम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि विमान में सवार तीन इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट के दरवाजे की ओर जाकर सबसे पहले हमलावर को काबू में किया. इसके बाद उन्होंने विमान का शुरुआती नियंत्रण संभाला और घायल कैप्टन की देखभाल के लिए एक डॉक्टर को बुलाया. अजार ने कहा, ‘इसके अलावा विमान में दो अन्य पायलट भी थे. इजराइली यात्रियों के कॉकपिट में दाखिल होने के कुछ ही सेकंड बाद वे विमान का नियंत्रण संभालने में सफल रहे और उसे सुरक्षित तरीके से उड़ाकर सऊदी अरब में उतारा.’
भारतीय पायलट मच्छार की तारीफ की
उन्होंने कहा, ‘भारतीय पायलट की इजरायल में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, संसद के अध्यक्ष और पूरे इजरायली समाज ने उनके किए गए काम के लिए काफी सराहना की है. उन्होंने बहुत से लोगों की जान बचाई.’ अजार ने कहा कि इजरायली यात्रियों, क्रू मेंबर्स और पायलटों की मदद से विमान के लगभग निश्चित रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति से हम सुरक्षित लैंडिंग तक पहुंचे और करीब 180 लोगों की जान बचाई जा सकी.’
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने इमरजेंसी के सिग्नल भेजे थे और तेजी से नीचे आने के बाद उसका रूट सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था. रूवेन अजार से पूछा गया कि विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने के बाद इजरायल की क्या प्रतिक्रिया थी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘इजरायल बहुत छोटा देश है और कोई विमान बहुत तेजी से वहां पहुंच सकता है. कुछ ही सेकंड में किसी इमारत, नागरिकों या किसी प्रतिष्ठान से टकरा सकता है इसलिए सिविल एविएशन अथॉरिटी, हमारी वायुसेना और यहां तक कि हमारे राजनीतिक नेतृत्व को भी तत्काल सतर्क कर दिया गया था.’
तुरंत भेजे फाइटर जेट: इजरायली राजदूत
उन्होंने कहा, ‘इजरायल ने स्थिति का आकलन किया और अगर पायलट, चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने विमान का नियंत्रण नहीं संभाला होता तो ऐसी स्थिति पैदा हो सकती थी, जिसमें इजरायल के प्रधानमंत्री को कार्रवाई के बारे में फैसला लेना पड़ता.’ अजार ने कहा, ‘बेशक लड़ाकू विमानों को तुरंत भेजा गया और सौभाग्य से उन्हें कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी.’ घायल पायलट के बारे में राजदूत ने कहा कि फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है कि इजराइली पक्ष उनकी मदद कर सके. उन्होंने कहा, ‘विमान में एक इजरायली डॉक्टर ने उनकी मदद की थी. लेकिन विमान के सऊदी अरब में उतरने के तुरंत बाद सऊदी अरब के अधिकारी उनकी देखभाल कर रहे हैं.’
