उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 हिंदू वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया है. दरसल मामला शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर का है, जहां बीएलओ पर सांप्रदायिक द्वेष के चलते हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का आरोप लगा है.
डीएम अविनाश सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए. जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित बीएलओ नफीस मोहम्मद खान को निलंबित कर दिया गया है. डीएम ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर नाम काटने की पुष्टि हुई तो कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
प्रधान ने दर्ज कराई थी शिकायत
बरेली की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर के प्रधान ने कुछ माह पहले आईजीआरएस पोर्टल के साथ एसडीएम, बीडीओ और जिला मुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराई थी. प्रधान का आरोप था कि ग्राम पंचायत में तैनात बीएलओ ने 26 हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए हैं. गांव के वेद प्रकाश, हेमा कली, ललिता देवी, राकेश और धाकल लाल समेत कई लोगों ने शपथ पत्र देकर भी शिकायत की थी.
प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई. बीडीओ की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर रिपोर्ट एसडीएम को भेजी गई. इसके बाद रिपोर्ट जिला मुख्यालय स्थित पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय भेजी गई और संबंधित बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की गई.
डीएम ने मामले पर दी ये जानकारी
डीएम के मुताबिक, नफीस मोहम्मद खान सहायक अध्यापक भी हैं. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बीएसए ने उन्हें निलंबित कर दिया है. मामले की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी भानु शंकर गंगवार को जांच अधिकारी बनाया गया है. जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. इसके अलावा अन्य आरोपों की पड़ताल के लिए त्रिस्तरीय कमेटी भी गठित की गई है.
डीएम अविनाश सिंह ने साफ किया है कि जांच में यदि मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटने की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल बीएलओ के निलंबन के बाद अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं.
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