रूस ने अमेरिका को दो टूक जवाब देते हुए, रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. साथ ही इसे गैरकानूनी और अस्वीकार्य करार दिया है. क्रेमलिन से यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स समिट के लिए नई दिल्ली जाने और पीएम मोदी से मुलाकात की तैयारी में जुटे हुए हैं.
मॉस्को से जारी एक वर्चुअल ब्रीफिंग में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है, ‘रूस भारत के साथ नए न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने पर बातचीत का इंतजार कर रहा है. अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव भारत के लिए अहम है. इसकी वजह भारत रूसी तेल के सबसे बड़े खरीददारों में से एक है.’
🇷🇺 Russia hopes Mecca Alliance will boost regional stability, dismisses concerns — Peskov
Russia hopes that the newly-created Mecca Defense Alliance will contribute to regional stability and security. This was stated by Russian Presidential spokesman Dmitry Peskov at a press… pic.twitter.com/9FY2HfOgya
— Sputnik (@SputnikInt) September 8, 2026
अमेरिकी सीनेट ने पारित किया था प्रस्ताव
अमेरिकी सीनेट ने अगस्त में रूस सेंक्शन बिल पारित किया था. इसका नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा है. इसके तहत भारत और चीन सहित रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जा सकता है. इस विधेयक को 86-11 के मत अंतर से पारित किया था. कानून बनने से पहले इसे अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से भी मंजूरी मिलनी बाकी है.
भारत-रूस ने पेमेंट इन्फ्रां तैयार किया है: पेस्कोव
रूस ने कहा है कि दोनों देशों ने रूबल और रुपये का उपयोग करके, एक काम करने का पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, यह द्विपक्षीय व्यापार का 96 प्रतिशत हिस्सा है. रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि साल 2024 में बाइलेटरल बिजनेस रिकॉर्ड 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. यह 2022 की तुलना में तीन गुना अधिक था. भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रियायती रूसी तेल का आयात बढ़ाया था. हालांकि, 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच इसमें गिरावट दर्ज की गई है.
ब्रिक्स समिट पर क्या बोले पेस्कोव?
पेस्कोव ने कहा है कि पुतिन-मोदी की मीटिंग यूक्रेन में घटनाक्रम के बारे में मोदी को जानकारी देने और दोनों देशों के नेताओं को इंटरनेशनल मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर देगी. पेस्कोव ने कहा, हम यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख जानते हैं. काफी हद तक वह हमारे अपने रुख से मेल खाता है. क्योंकि हम चाहते हैं, संघर्ष का समाधान शांतिपूर्ण तरीकों से हो. रूस ने कहा है कि वह भारत के प्रयासों का स्वागत करेगा. 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होना है. इसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शामिल होने की उम्मीद है.
