मनुस्मृति पर पुणे में दिए बयान को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह से घिर गए हैं. ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बाद एक और शंकराचार्य ने राहुल गांधी के बयान की निंदा की है. द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद का बयान शर्मनाक है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जिस श्लोक के जरिये मनुस्मृति और सनातन की बुराई की थी, उस पर शंकराचार्य ने प्रेस रिलीज जारी कर आध्यात्मिक और व्याकरण की व्याख्या भी की है.
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी राहुल गांधी पर बोला था हमला
इससे पहले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार (27 अगस्त) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी बार-बार सनातन धर्मग्रंथों का अपमान करते हैं लेकिन ऐसा नहीं चलेगा. उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी सियासी नफा नुकसान के हिसाब से धर्मग्रंथों की व्याख्या ना करें तो बेहतर है.
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी को दी थी चेतावनी
शंकराचार्य आगे कहा कि कहा कि अगर मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के मन में कोई भ्रम या सवाल है तो वह बैठकर इस विषय पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन बिना सही संदर्भ के धर्मग्रंथ पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि राहुल गांधी अगर ऐसा करते रहेंगे और इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे तो हम मुहिम चलाएंगे कि हिंदू कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार करें.
पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में क्या बोले थे राहुल गांधी?
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि महिलाओं को दूसरों पर निर्भर बनाकर रखना ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ का हिस्सा है और महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए.
शिवपाल और केशव के बीच X पर वार-पलटवार, सपा नेता बोले- हाथ पांव फूल गए…
