Headlines

बीजेपी प्रत्याशी के घर वोट मांगने पहुंची कांग्रेस की प्रत्याशी? वीडियो देख बन जाएगा दिन


राजस्थान में 9 और 11 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. प्रत्याशी हर घर जाकर वोटरों को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी चुनावी गहमागहमी के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने कड़वाहट भरी राजनीति के बीच लोगों का दिल जीत लिया है. चुनावी मैदान में आमने-सामने उतरीं कांग्रेस और बीजेपी की महिला प्रत्याशी जब मिलीं, तो नजारा किसी जंग का नहीं बल्कि गहरी आत्मीयता का बन गया.

तिलक लगाया, गले मिलीं और एक-दूसरे का किया सम्मान

वीडियो में किए जा रहे दावे के मुताबिक, कांग्रेस प्रत्याशी मैना सोनी चुनाव प्रचार करते-करते अचानक बीजेपी प्रत्याशी के घर पहुंच गईं. विरोधी दल की उम्मीदवार को अपने दरवाजे पर देखकर बीजेपी प्रत्याशी ने भी राजनीति को दरकिनार कर दिया. उन्होंने मैना सोनी का अपने घर में पूरे आदर-सत्कार के साथ स्वागत किया. दोनों महिला नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया, गर्मजोशी से मिलीं और चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं.

10245 वार्डों के लिए होने हैं चुनाव

आपको बता दें कि राजस्थान में इस साल शहरी निकाय चुनावों के तहत कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों (पार्षद सीटों) पर चुनाव होने हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इन 309 निकायों में 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं. नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद विभिन्न वार्डों में 60 से अधिक उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं. यह चुनाव दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण का मतदान 9 सितम्बर 2026 को और दूसरे चरण का मतदान 11 सितम्बर 2026 को होगा.

एबीपी लाइव वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर लिखी गई है. वीडियो में हो रहे किसी भी दावे की पुष्टि एबीपी लाइव नहीं करता है.

यह भी पढ़ें: हाईराइज बिल्डिंग की छत पर पहुंच गए डोगेश भाई, मुश्किल से हुआ रेस्क्यू

सोशल मीडिया पर लोग बोले- ‘यही तो लोकतंत्र का असली सौंदर्य है’

चुनावी जंग के बीच इस खूबसूरत पल का वीडियो इंटरनेट पर आते ही तेजी से वायरल हो गया. लोग इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि “इस नजारे ने पूरा दिन बना दिया.” लोगों का कहना है कि राजनीति में सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप ही नहीं, बल्कि ऐसी वैचारिक परिपक्वता और सम्मान भी होना चाहिए. सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं कि चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन आपसी भाईचारा और सम्मान ही असल पहचान है. दो अलग-अलग विचारधाराओं के नेताओं का यह आत्मीय मिलन इस बात की मिसाल है कि चुनाव मुद्दों की लड़ाई है, आपसी दुश्मनी नहीं.

यह भी पढ़ें: गजब! मंत्री जी को माला पहनाते रहे नेता जी, गले से गायब हो गई सोने की चेन





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *