Headlines

भारत से रिश्ते सुधार रहा ये मुस्लिम देश, स्वतंत्रता दिवस पर भेजा मैसेज


मुस्लिम देश मालदीव अब विवादों को छोड़कर आगे बढ़ रहा है, और भारत से रिश्ते बेहतर करने में लगा हुआ है. जहां एक तरफ पूरा भारत अपने 80वें आजादी के जश्न में डूबा हुआ था, तो उसी दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के साथ साझेदारी को और गहरा करने और दोनों देशों के लोगों के बीच अटूट दोस्ती बनाए रखने के लिए अपने देश की प्रतिबद्धता को दोहराया. 

मालदीव के राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट करते हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस के खुशी के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और भारत के लोगों बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘आजादी के आठ दशक भारत सरकार और लगोों की आकांक्षाओं, मजूबती और अटूट जज्बे को दर्शाते हैं. इस शुभ अवसर पर मैं मालदीव सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता हूं. इसके तहत हम आपसी सम्मान, साझा समृद्धि और हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच अटूट दोस्ती पर बनी अपनी करीबी साझेदारी को और आगे बढ़ाएंगे.’

साल 2024 से भारत और मालदीव के रिश्तों में बना रहा तनाव

दोनों देशों के बीच उस समय विवाद गहरा गया था, जब जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा किया. वहां उन्होंने टूरिज्म को बढ़ाने की अपील की. इसके जवाब में मालदीव के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की. इससे भारत में भारी आक्रोश फैल गया. सोशल मीडिया पर बॉयकोट मालदीव कैंपेन चलाया. विवादित टिप्पणियों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया. बाद में मालदीव सरकार ने उन मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था.

मालदीव ने भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस भेजने की मांग की थी

इससे पहले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जु ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भारत विरोधी इंडिया आउट का नारा दिया था. मालदीव में तैनात भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस भेजने की मांग की थी. इसके बाद मालदीव के राष्ट्रपति की चीन समर्थक नीतियों और बीजिंग की यात्रा के बाद मालदीव और भारत के रिश्तों में खटास और बढ़ गई. इससे वहां के टूरिज्म उद्योग को बड़ा झटका लगा. मालदीव की इकोनॉमी भारत के टूरिस्टों पर काफी हदतक निर्भर है. अभी भी मालदीव सरकार की तरफ से भारतीय प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के बाद से असहजता बनी हुई है. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *