मणिपुर के थौबल जिले के यारइपोक इलाके में राज्य कांग्रेस विधायक केइशम मेघाचंद्र सिंह के घर के पास 3 सितंबर रात करीब 8:15 बजे बम ब्लास्ट हुआ है. पुलिस मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पुलिस के अनुसार एक अज्ञात शख्स ने कांग्रेस नेता मेघाचंद्र सिंह के घर पर विस्फोटक फेंका. राहत की बात रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.
केइशम मेघाचंद्र सिंह मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं. हाल ही पार्टी ने उनकी जगह तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके ओकराम इबोबी सिंह को मणिपुर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है. वहीं मेघाचंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता नियुक्त किया गया.
#WATCH | Imphal East, Manipur: A bomb blast was reported at around 8:15 PM near the residence of state Congress President Keisham Meghachandra Singh in Bishnunaha, Yairipok. Police reached the spot immediately and conducted a search operation. Further details are awaited.… pic.twitter.com/73PfJP68yG
— ANI (@ANI) September 3, 2026
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता केइशम मेघचंद्र सिंह ने एक दिन पहले 2 सितंबर 2026 को राज्य सरकार से जातीय हिंसा को लेकर सवाल किया था. इसके जवाब में मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने कहा कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए.
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के लिए समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और मानवता की भावना को बनाए रखना चाहिए. सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, ‘राज्य में शांति बहाल करने के लिए हम सभी को जिम्मेदारी उठानी चाहिए और मानवता की भावना अपनानी चाहिए.उन्होंने पूरे मणिपुर के धार्मिक और सामुदायिक नेताओं से भी अपील की कि वे आगे आएं और अलग-अलग समुदायों के बीच भरोसे की कमी को दूर करने और समाधान खोजने में रचनात्मक भूमिका निभाएं.’
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को बताया कि 3 मई, 2023 को भड़की जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए 60,000 लोगों में से लगभग 36,000 लोगों को पहले ही फिर से बसाया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने बताया कि जो लोग घर लौट आए हैं, उन्हें भी आजीविका और कमाई के मौकों की कमी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सरकार उन्हें हर महीने आर्थिक मदद देना जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा कि पहाड़ी और घाटी, दोनों इलाकों के विस्थापितों में घर लौटने की जरूरत और इच्छा एक जैसी है.
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