महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने किसानों के लिए कर्जमाफी योजना की घोषणा की है. इस योजना का जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए. सरकार द्वारा 32 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा. किसानों को 2 लाख तक का कर्ज माफ करने के लिए योजना का ऐलान किया गया है.
कर्ज के बोझ के कारण अब राज्य में एक भी किसान आत्महत्या न करे, ऐसे सख्त निर्देश राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को दिए हैं. वे मंत्रालय में राजस्व मंत्री के कार्यालय में सहकारिता और राजस्व विभाग की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में बोल रहे थे. इस बैठक में सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे भी उपस्थित थे.
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राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026’ के तहत किसानों के 2 लाख तक के कर्ज माफ करने की घोषणा की है. कोई भी पात्र कर्जदार किसान इस कर्जमाफी से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए.
इस योजना में मुख्य रूप से तीन घटक शामिल हैं इसमें कर्जमाफी, एकमुश्त समाधान योजना (OTS) और प्रोत्साहन लाभ मिलेगा. इसके तहत राज्य के लगभग 32 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा, जबकि नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले 24 लाख किसानों को प्रोत्साहन अनुदान का लाभ मिलेगा.
योजना के पहले चरण में लगभग 17 लाख (16.96 लाख) ऋण खातों की सूची आधार प्रमाणीकरण के लिए जारी की गई है. इसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के 7.03 लाख और वाणिज्यिक बैंकों के 9.93 लाख ऋण खाते शामिल हैं. दूसरी सूची भी अगले 15 दिनों में जारी की जाएगी.
गांव स्तर पर जारी की गई सूचियों में वाणिज्यिक बैंकों के एनपीए (NPA) खाताधारक किसानों के नाम के सामने दर्शाई गई बकाया राशि और योजना के पोर्टल पर दर्ज राशि में कुछ स्थानों पर अंतर पाया गया है. ऐसी स्थिति में योजना के पोर्टल पर दर्ज 31 मार्च 2026 तक की बकाया राशि को मान्य माना जाएगा. साथ ही, 1 अप्रैल 2026 के बाद का ब्याज नहीं वसूलने के सरकार के निर्देशों पर सभी बैंकों ने लिखित सहमति दे दी है.
ऐसी होगी कर्जमाफी की प्रक्रिया
आधार प्रमाणीकरण: पोर्टल पर दिखाई गई राशि स्वीकार होने पर किसानों को अपना आधार प्रमाणीकरण कराना होगा. प्रमाणीकरण सफल होने के बाद किसानों को कर्जमाफी की राशि की जानकारी वाली रसीद प्राप्त होगी. इसके बाद 31 मार्च 2026 तक की कर्ज बकाया राशि का लाभ डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के ऋण खाते में जमा किया जाएगा.
कर्जमाफी के बाद किसानों को ‘कर्ज मुक्त प्रमाणपत्र’ दिया जाएगा. इसके बाद इन सभी किसानों को बैंकों के माध्यम से आगामी खरीफ सीजन के लिए नया फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. कर्जमाफी का लाभ पाने वाले किसानों की सूचियां बैंकों की शाखाओं और विभिन्न कार्यकारी सेवा संस्थाओं (V.K.S.) में प्रदर्शित की जाएंगी.
यदि किसी किसान को पोर्टल पर दर्ज राशि या कर्ज से संबंधित कोई अन्य जानकारी स्वीकार नहीं है, तो वह सीधे पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है. इन शिकायतों के निवारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति काम करेगी.
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